लाइन नंबर-8, बनभूलपुरा में अतिक्रमण का जाल — राहगीरों की सांसें थमीं, नियमों की खुली धज्जियां!
हल्द्वानी। शहर के बनभूलपुरा क्षेत्र के लाइन नंबर-8 में अतिक्रमण इस कदर हावी हो चुका है कि अब पैदल चलना भी किसी चुनौती से कम नहीं रहा। सड़कें, जो आम जनता के आवागमन के लिए होती हैं, अब धीरे-धीरे निजी कब्जों की चपेट में आती जा रही हैं।


स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दुकानदार अपनी दुकानों के सामने की खाली जगह को मोटी रकम लेकर ठेले-फड़ वालों को किराये पर दे रहे हैं। नतीजा यह है कि सड़क का बड़ा हिस्सा अवैध रूप से घिर चुका है। ठेले और अस्थायी दुकानें इस तरह सजी हैं कि राहगीरों को निकलने के लिए भी जूझना पड़ता है।
हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। अक्सर जाम जैसी स्थिति बनी रहती है और मामूली दूरी तय करने में भी लोगों को काफी समय लग जाता है।
वहीं, जब नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंचती है, तो उसे तीव्र विरोध का सामना करना पड़ता है। कई बार स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो जाती है कि कार्रवाई अधूरी छोड़नी पड़ती है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से पूरे हल्द्वानी के बाजारों को रात 11:00 बजे तक बंद कराने की मुहिम चलाई जा रही है, लेकिन लाइन नंबर-8 इस नियम से मानो अछूती है। यहां देर रात 11:00 बजे के बाद भी दुकानें धड़ल्ले से खुली रहती हैं, जिससे न केवल नियमों की खुली अनदेखी हो रही है बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही अतिक्रमण और नियमों की अनदेखी पर लगाम नहीं लगाई गई, तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस समस्या पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करता है, या फिर लाइन नंबर-8 यूं ही अतिक्रमण और अव्यवस्था की गिरफ्त में घुटता रहेगा।

Skip to content










