कोटद्वार- उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय में कोटद्वार के चर्चित विवाद मामले में सुनवाई के दौरान फिलहाल किसी भी पक्ष को राहत नहीं मिली है। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च तक के लिए जारी रखी है।
सुनवाई के दौरान दीपक कुमार की ओर से दलील दी गई कि उनके द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि उन्होंने घटना में शामिल लोगों के नाम बताए थे, फिर भी पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन्होंने यह भी कहा कि वे भीड़ को शांत कराने गए थे, लेकिन उल्टा उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया।


वहीं, सरकार की ओर से पेश पक्ष में कहा गया कि घटना के समय दीपक मौके पर मौजूद थे और भीड़ के साथ धक्का-मुक्की में शामिल थे। पुलिस ने दीपक कुमार समेत 22 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जिसकी जांच अभी जारी है। इस पूरे मामले में अब तक पुलिस पांच मुकदमे दर्ज कर चुकी है।
मामले की पृष्ठभूमि में एक वायरल वीडियो भी सामने आया था, जिसमें दीपक कुमार अपनी पहचान को लेकर सवाल उठाते हुए नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर समर्थन मिलने लगा और उनके अनुसार, लोगों ने उन्हें छोटे-छोटे आर्थिक सहयोग भी भेजे।
घटना के बाद 28 जनवरी को दीपक कुमार और उनके सहयोगी के खिलाफ दुर्व्यवहार, मोबाइल छीनने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था।
दीपक कुमार ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की है। फिलहाल अदालत ने कोई राहत नहीं दी है और मामले की सुनवाई जारी है।

Skip to content










