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कालाढूंगी में खत्म हुआ 30 साल का वनवास, घर लौटा गुमशुदा रामबहादुर….

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कालाढूंगी – तीन दशकों से गुमशुदा मानसिक रूप से कमजोर रामबहादुर आखिरकार सकुशल मिल गए। कालाढूंगी में भटकते हुए मिले रामबहादुर को उनके छोटे भाई खीम सिंह ने पहचान लिया और परिवार से मिलवाकर घर पीरूमदारा ले गए। करीब 30 साल बाद दोनों भाइयों का मिलन भावुक कर देने वाला रहा।

पीरूमदारा निवासी रामबहादुर लगभग 30 वर्ष की उम्र में मानसिक अस्वस्थता के चलते घर से निकल गए थे। इसके बाद वर्षों तक परिवार को उनकी कोई खबर नहीं मिली। इस दौरान वे कहां-कहां रहे, कैसे जीवन गुजारा—यह बताने की स्थिति में वे आज भी नहीं हैं। किस्मत ने उन्हें कालाढूंगी पहुंचा दिया, जहां एक स्थानीय सभासद की मानवीय पहल और जिम्मेदारी के चलते उनकी पहचान संभव हो सकी।

सूचना मिलने पर खीम सिंह परिजनों के साथ कालाढूंगी पहुंचे और रामबहादुर को अपने साथ घर ले गए। इतने वर्षों बाद भाई को जीवित और सुरक्षित पाकर परिवार की आंखें नम हो गईं। यह घटना न केवल परिवार के लिए खुशी का पल बनी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और मानवीय सहयोग की मिसाल भी पेश की।

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