Breaking News

ऑपरेशन प्रहार में पुलिस की बड़ी कामयाबी, कार से 27.12 किलो गांजा बरामद; सात लाख के नशे के साथ तस्कर गिरफ्तार कुमाऊं में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी सौगात, चंदन हॉस्पिटल हल्द्वानी CGHS में एम्पेनल्ड नैनीताल की लाइफलाइन मॉल रोड का पुनर्निर्माण तेज, गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा होगा काम रामगढ़ के नथुवाखान में बड़ा हादसा, अनियंत्रित ऑल्टो कार खाई में गिरी; दो घायल एसटीएच रेफर एसएसपी अजय गणपति ने पंजा कुश्ती में दिखाया दम, विश्व विजेता दलजीत सिंह गोराया के साथ रोमांचक मुकाबले में दर्ज की जीत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रशासन सक्रिय, नैनीताल में 2,35,085 नोटिस जारी; 2,30,222 का हुआ वितरण

न्याय की मांग को लेकर महिला कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल….

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

देहरादून – उत्तराखंड महिला कांग्रेस ने महिला सम्मान से जुड़े एक गंभीर मामले में कार्रवाई न होने पर पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बुधवार को देहरादून स्थित कोतवाली डालनवाला में न्याय की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया।

यह प्रदर्शन महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू द्वारा सार्वजनिक मंच से दिए गए उस विवादित बयान के विरोध में किया गया, जिसमें उन्होंने महिलाओं को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। महिला कांग्रेस का कहना है कि यह बयान न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि महिलाओं को वस्तु के रूप में देखने वाली असंवेदनशील सोच को भी उजागर करता है।

महिला कांग्रेस की ओर से 2 जनवरी को इस मामले में कोतवाली डालनवाला में विधिवत शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज न किए जाने से कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। संगठन का आरोप है कि इतने गंभीर मामले में कार्रवाई न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस और महिला कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हो गई। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद पुलिस द्वारा धक्का-मुक्की की गई और कुछ महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार हुआ। इसके बाद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन ले जाया गया। रिहाई के बाद दोबारा प्रदर्शन करने पर उन्हें फिर हिरासत में लिया गया।

रात तक धरना जारी रहा। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी धरना स्थल पर पहुंचे और महिला कार्यकर्ताओं को समर्थन दिया। बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद पुलिस अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच वार्ता हुई।

पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि अल्मोड़ा के एसएसपी को मामले में कार्रवाई के निर्देश भेजे गए हैं। इस पर हरीश रावत ने चेतावनी दी कि यदि 17 जनवरी तक एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो 18 जनवरी को देहरादून स्थित एसएसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

महिला कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की आवाज़ को दबाने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान संगठन महामंत्री राजेंद्र सिंह भंडारी, महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी, पूर्व विधायक राजकुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

और पढ़ें

error: Content is protected !!