रुद्रपुर– जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने सोमवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि सभी मामलों को RCMS (राजस्व न्यायालय कंप्यूटराइजेशन और प्रबंधन प्रणाली) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। उन्होंने लंबित मामलों को शीघ्रता से निपटाने के निर्देश देते हुए कहा कि विशेष रूप से पुराने मामलों को प्राथमिकता दी जाए ताकि न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बनी रहे।
गुंडा एक्ट, चकबंदी, सीलिंग और खनन मामलों को जल्द सुलझाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने गुंडा एक्ट, चकबंदी, सीलिंग, खनन और खाद्यान से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में तेजी लाकर शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और आम जनता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की प्रक्रिया को मजबूत किया जाए।


रिकॉर्ड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी भदौरिया ने दस्तावेजों के सही रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पत्रावलियों और पंजिकाओं को व्यवस्थित तरीके से रखा जाए तथा पुराने दस्तावेजों को रिकॉर्ड रूम में भेज दिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय से संबंधित पत्रावलियां और कार्यालय से जुड़े दस्तावेजों को अलग-अलग रखा जाए, ताकि दस्तावेजों के मिश्रण से कोई भ्रम या गलती न हो।
निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारी
निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वि/रा) अशोक कुमार जोशी, जिलाधिकारी न्यायालय के पेशकार संजीव पालीवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यों में पारदर्शिता और तत्परता बनाए रखें ताकि जनता को समय पर न्याय और सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि सभी मामलों का शीघ्र समाधान हो और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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