नैनीताल – जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने पुलिस लाइन नैनीताल सभागार में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की। इस दौरान पुलिसिंग में सख्ती, जवाबदेही और आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
गोष्ठी से पूर्व आयोजित कर्मचारी सम्मेलन में एसएसपी ने पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।


बैठक के दौरान एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नशे का सेवन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की नियमित एल्कोमीटर से जांच की जाए और दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
‘टोका-टोकी’ रणनीति और सख्त निगरानी
रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने के लिए ‘टोका-टोकी’ रणनीति लागू करने के निर्देश दिए गए। देर रात अनावश्यक घूमने वाले अराजक तत्वों और शराबियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही रात 11 बजे के बाद दुकानें बंद कराने के लिए व्यापार मंडलों से समन्वय बनाने को कहा गया।
डिजिटल पुलिसिंग अनिवार्य
पुलिसिंग को हाई-टेक बनाने के लिए ‘ई-बीट बुक ऐप’ का उपयोग सभी कर्मियों के लिए अनिवार्य किया गया। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों के लिए ‘ई-साक्ष्य आईडी’ के प्रयोग के निर्देश दिए गए। सभी थानों को CCTNS पर कार्यों को पूरी तरह ऑनलाइन करने को कहा गया।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार करते हुए एसएसपी ने तस्करों की पूरी सप्लाई चेन तोड़ने और चिन्हित आरोपियों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अपराधियों पर सख्ती और जवाबदेही तय
पुराने और आदतन अपराधियों की निगरानी बढ़ाने, हिस्ट्रीशीट खोलने और गुंडा व गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही किसी क्षेत्र में अव्यवस्था मिलने पर संबंधित बीट कांस्टेबल और हल्का इंचार्ज की सीधी जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई।
सोशल मीडिया पर भी निगरानी
कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली आपत्तिजनक पोस्ट पर सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी धाराओं में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
42 पुलिसकर्मी सम्मानित
बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 42 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया गया। गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, विभिन्न सर्किलों के अधिकारी, थाना प्रभारी और पुलिस कर्मी उपस्थित रहे। अंत में पुलिसिंग को अधिक प्रोफेशनल, जवाबदेह और जनहितकारी बनाने का संकल्प लिया गया।

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