Breaking News

उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान धारी और भीमताल के स्कूलों का निरीक्षण, एक में मिली लापरवाही तो दूसरे में व्यवस्थाएं बेहतर CBSE कक्षा 12 परिणाम में डीपीएस हल्द्वानी का शानदार प्रदर्शन, अरिना रघुवंशी ने हासिल किए 98.8% अंक ईंधन बचाओ अभियान में पैदल कार्यालय पहुंचे जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, जनता से की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील कच्ची शराब तस्करी पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार, 360 पाउच शराब के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार आरसेटी हल्द्वानी में 35 दिवसीय जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर प्रशिक्षण संपन्न, 34 महिलाएं हुईं प्रशिक्षित

स्कूलों में नियमों की अनदेखी पर सख्ती, समय से पहले छुट्टी करना पड़ा भारी 17 शिक्षकों का वेतन रोका गया….

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

रामनगर – बोर्ड परीक्षाओं और वार्षिक परीक्षाओं से पहले स्कूलों में अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए किए गए औचक निरीक्षण में बड़ी अनियमितता सामने आई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद जायसवाल ने रामनगर क्षेत्र के विद्यालयों का निरीक्षण किया, जहां सेमखलिया इंटर कॉलेज और प्राथमिक विद्यालय में तय समय से पहले छुट्टी करने का मामला पकड़ में आया। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए सीईओ ने दोनों विद्यालयों के 17 शिक्षक व लिपिक का वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूलों में छुट्टी का निर्धारित समय दोपहर 3:40 बजे है, जबकि निरीक्षण के दौरान दोनों विद्यालयों में तीन बजे से पहले ही छुट्टी कर दी गई थी। इसे शैक्षणिक नियमों का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए सख्त कार्रवाई की गई है।

शुक्रवार को सीईओ ने प्राथमिक विद्यालय सांवल्दे, कन्या जूनियर विद्यालय सांवल्दे, पटरानी प्राथमिक व हाईस्कूल, ढेला प्राथमिक विद्यालय सहित 20 से अधिक स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर शिक्षण व्यवस्था का जायजा लिया और स्वयं भी शिक्षण कार्य किया।

सीईओ गोविंद जायसवाल ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से पहले किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्कूलों में समय पालन, शिक्षण गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सख्ती बरती जाएगी। निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य मनोज जोशी, नवेंदु मठपाल, सीपी खाती, संत सिंह, हरीश कुमार, महेंद्र आर्या, शैलेंद्र भट्ट, दिनेश निखुरपा सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दिया है कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों और शिक्षकों पर आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

और पढ़ें

error: Content is protected !!