Breaking News

ईंधन बचाओ अभियान में पैदल कार्यालय पहुंचे जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, जनता से की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील कच्ची शराब तस्करी पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार, 360 पाउच शराब के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार आरसेटी हल्द्वानी में 35 दिवसीय जूनियर ब्यूटी प्रैक्टिशनर प्रशिक्षण संपन्न, 34 महिलाएं हुईं प्रशिक्षित आरसेटी हल्द्वानी में महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू, आत्मनिर्भरता पर जोर कृष्णापुर में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का आयुक्त दीपक रावत ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश मिशन ड्रग फ्री देवभूमि के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो किलो से अधिक चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार

(जोशीमठ) भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र को आपदाग्रस्त घोषित कर खाली कराया गया आवासीय परिसर…. 

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

चमोली-जोशीमठ आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित, सेना ने खाली की कालोनी। जोशीमठ शहर में जानमाल की सुरक्षा के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के लगभग डेढ़ किलोमीटर के भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र को आपदाग्रस्त घोषित किया गया है। जोशीमठ का अध्ययन कर लौटी विशेषज्ञों की टीम की संस्तुतियों के आधार पर देर शाम यह कदम उठाया गया।

दीर्घकालिक समाधान के लिए जोशीमठ का जियो टेक्निकल व जियो फिजिकल अध्ययन कराया जाएगा। जिन क्षेत्रों में घरों में दरारें नहीं हैं, वहां भवन निर्माण के लिए गाइडलाइन जारी की जाएगी। साथ ही हाइड्रोलाजिकल अध्ययन भी कराने का निर्णय लिया गया है। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की से प्रस्ताव मांगा। सचिव आपदा प्रबंधन डा रंजीत कुमार सिन्हा ने इसकी पुष्टि की।

 

उन्होंने बताया कि प्रभावितों के पुनर्वास के लिए पीपलकोटी, गौचर, कोटीकालोनी समेत कुछ अन्य स्थान चयनित किए गए हैं। भारतीय भूगर्भीय सर्वेक्षण को इन क्षेत्रों का जियो अध्ययन करने के लिए लिखा गया है। प्री-फैब्रिकेट घरों के निर्माण के दृष्टिगत केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की से प्रस्ताव मांगा गया है। उन्होंने बताया कि सेना ने जोशीमठ स्थित अपने आवासीय परिसर में खतरे की जद में आए भवनों को खाली कर यहां रह रहे परिवारों को सुर‍क्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है।

 

जोशीमठ में भूधंसाव और घरों में दरारें पडऩे का सिलसिला तेज होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर जोशीमठ की स्थिति का दोबारा अध्ययन करने के लिए सचिव आपदा प्रबंधन डा सिन्हा की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की टीम गठित की गई। टीम ने गुरुवार से जोशीमठ में स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही स्थानीय निवासियों से बातचीत की। शनिवार देर शाम टीम ने वापस लौटकर रिपोर्ट शासन को सौंपी। सचिव आपदा प्रबंधन डा सिन्हा के अनुसार रिपोर्ट की संस्तुतियों के आधार पर एहतियातन कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

और पढ़ें

error: Content is protected !!