बाजपुर-नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रेस नोट जारी कर बताया आटो रिक्शा और विक्रम देहरादून के परिवहन की लाइफ लाइन हैं। इसी से इस शहर में आवागमन होता है। परिवहन स्वामियों के हजारों परिवार इन वाहनों से पलते हैं।इनके साथ षड़यंत्र हो रहा है। इन परिवारों की रोटी छीनने की कोशिश सरकार कर रही है। इन परिवारों के साथ- साथ राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी छिन्न- भिन्न करने की साजिश लग रही।
डीजल से चलने वाले इन वाहनों को बदल कर इन छोटी गाडियों से पेट पालने वालों को एल0पी0जी0 और सी0एन0जी0 गाडियों को ले लेना होगा।क्योंकि इनके ऊंपर पहले ही डीजल वाहनों का कर्जा है अब इनको कर्जा लेकर फिर से एल0पी0जी0 और सी0एन0जी0 वाहन लेने पड़ेगे।


इनकी यूनियन इस मामले को उच्च न्यायालय में जीत चुकी है।एक साल में देहरादून शहर के सभी परिवहन स्वामियों को अपने आटो रिक्शा और विक्रम बदल कर एल0पीजी0 या सी0एन0जी0 के कर देने हैं। शहर के आटो डीलरों के पर एल0पीजी0 सी0एन0जी0 के वाहन उपलब्ध नहीं हैं।
जिस दिन संभागीय परिवहन प्राधिकरण् में यह निर्णय लिया गया उसी दिन शहर में इन वाहनों की कीमत में 50 हजार रुपए की वृद्धि कर दी गई।सीएनजी के केवल 4 पम्प हैं।यदि देहरादून शहर से इन वाहनों को बाहर निकालने का तुगलगी आदेश लागू कर दिया गया तो शहर की परिवहन व्यवस्था तो बिगड़ेगी ही हजारों लोगों को रोजी-रोटी का संकट भी होगा।

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