12 फरवरी 2026 को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य निरुपम चकमा ने जिला सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए संचालित विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनजातीय परिवारों को शत-प्रतिशत सरकारी योजनाओं से आच्छादित किया जाए, ताकि उनका जीवन स्तर बेहतर हो और वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।
योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक में पीएम जनमन, पीएम स्वनिधि, धरती आबा, पेंशन, विवाह अनुदान, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सेवाएं, जल जीवन मिशन (JJM), जन औषधि, प्रधानमंत्री आवास, अटल आवास, शिक्षा, छात्रावास, छात्रवृत्ति और वन अधिकार अधिनियम सहित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।


भूमि और बैंकिंग मुद्दों पर चिंता
निरुपम चकमा ने कहा कि जनजातीय समुदाय की भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले संज्ञान में आए हैं। इस पर जिलास्तरीय रिव्यू कमेटी को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को सरकारी योजनाओं के तहत ऋण देने में बैंकों द्वारा अनावश्यक टालमटोल की शिकायतें मिली हैं। इस पर जिलाधिकारी को समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता शिविर आयोजित कर बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करने पर बल दिया गया।
धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए योजनाओं को ‘सम्पूर्णता मोड’ में लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही योजनाओं की प्रगति की रिपोर्ट आयोग को निर्धारित प्रारूप में भेजने को कहा।
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी और अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, उप सचिव अनुसूचित जनजाति आयोग कुशल देव वर्मा, वरिष्ठ अन्वेषक आकाश त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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