रामनगर। ने आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यवाही के दौरान एक अधिवक्ता को 24 घंटे की हिरासत में भेजे जाने की घटना पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। एसोसिएशन ने इस घटना को अधिवक्ता समुदाय की गरिमा एवं न्यायिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए चिंता जताई।
इस विषय को लेकर आयोजित विशेष बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं न्यायपालिका की निष्पक्ष छवि को प्रभावित करने के साथ-साथ अधिवक्ताओं के आत्मसम्मान को भी आहत करती हैं।


एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन चंद्र पांडे एवं उपसचिव मनु अग्रवाल ने संयुक्त रूप से कहा कि रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन इस मुद्दे पर , तथा देशभर के अधिवक्ता संगठनों के साथ एकजुट होकर खड़ी है।
बैठक में घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित न्यायिक अधिकारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई किए जाने की बात कही गई। साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि अधिवक्ताओं के सम्मान, स्वायत्तता एवं स्वतंत्र कार्य प्रणाली की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था में अधिवक्ताओं के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

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