हल्द्वानी – सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम अचानक घोषित होने से छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में कुछ देर के लिए उत्सुकता और बेचैनी का माहौल बन गया। बिना किसी पूर्व सूचना के परिणाम जारी होने से परीक्षार्थियों की धड़कनें तेज हो गईं, लेकिन जैसे ही छात्रों ने अपना रिजल्ट देखा, चिंता की जगह खुशी ने ले ली और कई घरों में खुशी के आंसू देखने को मिले।
सीबीएसई ने बुधवार को इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम जारी किया। परिणाम घोषित होने की जानकारी पहले से न होने के कारण छात्र-छात्राएं अचानक ऑनलाइन पोर्टल पर रिजल्ट देखने में जुट गए। कुछ देर पहले तक जिन चेहरों पर तनाव साफ दिखाई दे रहा था, वहीं रिजल्ट बेहतर आने के बाद मुस्कान लौट आई।


दूसरी ओर शहर के निजी विद्यालयों में भी परिणाम घोषित होते ही हलचल तेज हो गई। प्रधानाचार्य, शिक्षक और स्कूल स्टाफ कंप्यूटरों के सामने बैठकर विद्यालय का रिजल्ट देखने और विद्यार्थियों की मार्कशीट निकालने में जुट गए। स्कूलों में सफल विद्यार्थियों को बधाई देने का सिलसिला भी शुरू हो गया।
टॉपर विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, नोट्स तैयार करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद को दिया। सिंथिया स्कूल की टॉपर अंशिका गर्ग ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान ऑनलाइन क्लासेस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म काफी मददगार साबित हुए। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण नोट्स तैयार कर नियमित अध्ययन करना सफलता की कुंजी है।
वहीं दूसरे स्थान पर रहीं प्रेरणा जोशी ने बताया कि यदि शुरुआत से ही रोजाना पढ़ाई के साथ छोटे-छोटे नोट्स बनाए जाएं तो परीक्षा के समय वही सबसे अधिक उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि किताबों के साथ टीचर्स और डिजिटल माध्यमों से मिली जानकारी ने भी काफी सहायता की।
इस बार सीबीएसई बोर्ड ने कॉपी जांचने के लिए पहली बार “ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM)” का प्रयोग किया। परीक्षा कॉपियों के मूल्यांकन का कार्य देर रात तक चलता रहा। विद्यार्थियों का कहना है कि इस बार फिजिक्स का पेपर अपेक्षाकृत कठिन रहा, जिसके कारण विज्ञान वर्ग के कई छात्रों के अंक उम्मीद से कम आए। वहीं आर्ट्स वर्ग के विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया।

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