हल्द्वानी – हल्द्वानी शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सड़कों, गलियों और रिहायशी इलाकों में कुत्तों के झुंड बेखौफ घूम रहे हैं और आए दिन लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग कुत्तों के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
बेस अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार रोजाना करीब 35 से 40 लोग डॉग बाइट के मामलों में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह-शाम टहलना और बच्चों का बाहर निकलना भी जोखिम भरा हो गया है। कई मोहल्लों में कुत्तों के झुंड राहगीरों का पीछा करते देखे जा रहे हैं।


नागरिकों का आरोप है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। नसबंदी, टीकाकरण और पुनर्वास जैसी योजनाएं कागज़ों तक सीमित नजर आ रही हैं।
हालांकि लावारिस पशुओं के प्रबंधन को लेकर Supreme Court of India समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी कर चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर उनका प्रभाव सीमित दिखाई दे रहा है। शहरवासियों ने प्रशासन से अभियान चलाकर कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण और नियंत्रित पुनर्वास की मांग की है,
ताकि बढ़ते खतरे पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते के काटने की स्थिति में तुरंत अस्पताल जाकर एंटी रैबीज उपचार जरूर कराएं और लापरवाही न बरतें।

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