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मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने की पहल, नमी समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम….

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रुद्रपुर – ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर मक्का फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने मक्का विक्रय में आ रही सबसे बड़ी समस्या—अधिक नमी प्रतिशत—के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। वर्तमान में मक्का की कटाई के समय नमी प्रतिशत 25 से 30 प्रतिशत तक होने के कारण औद्योगिक इकाइयों द्वारा किसानों की मक्का क्रय नहीं की जा रही है, जबकि निर्धारित मानक केवल 15 प्रतिशत नमी का है।

इस गंभीर समस्या के समाधान को लेकर जनपद उधम सिंह नगर में कार्यरत राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उत्तराखंड राइस मिलर्स एसोसिएशन के महासचिव अजय वंसल एवं उधम सिंह नगर राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गगन गर्ग शामिल रहे।

राइस मिलर्स प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में जनपद में लगभग 300 राइस मिलें संचालित हो रही हैं और सभी मिलों में ड्रायर की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आपसी समन्वय के माध्यम से मिलर्स किसानों की मक्का सुखाने (ड्राइंग) की समस्या के समाधान में जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे।

बैठक में यह सुझाव भी दिया गया कि जनपद में स्थित मक्का क्रय करने वाली औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की निकटवर्ती औद्योगिक इकाइयों से भी मक्का क्रय के लिए संपर्क किया जाए। इसी क्रम में तिलहर, शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) स्थित एथेनॉल प्लांट के संचालक ऋषभ वंसल से मोबाइल पर वार्ता की गई, जिन्होंने उधम सिंह नगर से मक्का क्रय करने की सहमति व्यक्त की।

मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव ने बताया कि बैठक अत्यंत सकारात्मक रही और मक्का उत्पादन के बाद किसानों को विक्रय में आने वाली समस्या का समाधान इस वर्ष सुनिश्चित कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को ग्रीष्मकालीन धान के विकल्प के रूप में मक्का फसल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

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