Breaking News

स्थायी लोक अदालत को लेकर पीएलवी और अधिकार मित्रों का प्रशिक्षण, आमजन को मिलेगा सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय सुबह-सुबह भीषण सड़क हादसा, तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को कुचला; मौके पर तोड़ा दम जनता की शिकायतों पर सीएम धामी का सख्त रुख, बोले- समस्याओं के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं; अफसर संवेदनशीलता से करें कार्रवाई श्रमिक हितों को लेकर भारतीय मजदूर संघ का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन, प्रधानमंत्री के नाम 11 सूत्री ज्ञापन सौंपकर उठाईं लंबित मांगें काशीपुर में कार के अंदर मिला 26 वर्षीय टेंट कारोबारी का शव, माथे-गर्दन पर चोट के निशान; परिजनों ने जताई हत्या की आशंका आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर महिलाओं की नई उड़ान, 30 महिलाओं ने सीखा सौर उपकरणों का उत्पादन, मरम्मत और रखरखाव

किसान की भूमिका में लौटे सीएम धामी, धान रोपते हुए याद किए बचपन के दिन….

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

खटीमाउत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज खटीमा के नगरा तराई स्थित अपने खेत में धान की रोपाई कर न सिर्फ किसानों के श्रम को नमन किया, बल्कि अपने बचपन की स्मृतियों को भी ताजा किया। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक “हुड़किया बौल” की धुन पर भूमि, जल और मेघ देवताओं की वंदना कर समृद्ध फसल की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा, “खेत में उतरकर पुराने दिन याद आ गए। अन्नदाता न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के भी संवाहक हैं।” उन्होंने किसानों के परिश्रम, त्याग और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को उन्नत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इस पूरे अनुभव को अपने फेसबुक अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा –
खटीमा के नगरा तराई में अपने खेत में धान की रोपाई कर किसानों के श्रम, त्याग और समर्पण को अनुभव कर पुराने दिनों का स्मरण किया। अन्नदाता हमारी संस्कृति और परंपरा के संवाहक भी हैं।”a

धान रोपाई के दौरान “हुड़किया बौल” की पारंपरिक लोकधुन ने वातावरण को सांस्कृतिक उल्लास से भर दिया, जिसमें भूमि के देवता भूमियां, जल के देव इंद्र और छाया के देव मेघ की सामूहिक वंदना की गई।

यह पहल मुख्यमंत्री की जड़ों से जुड़ाव और किसानों के प्रति सम्मान को दर्शाती है, जो जनता के साथ उनके आत्मिक जुड़ाव को भी मजबूत करती है।

और पढ़ें

error: Content is protected !!