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मनरेगा अभिसरण की समीक्षा बैठक में विभागों को तीन दिन में कार्ययोजनाएं उपलब्ध कराने के निर्देश….

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पौड़ी – मनरेगा के साथ अभिसरण (कन्वर्जेंस) से कराये जाने वाले विभागीय कार्य योजनाओं की समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित कार्यालय कक्ष में सम्पन्न हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी रेखीय विभागों को निर्देश दिये कि मनरेगा अभिसरण में उन कार्य योजनाओं को प्राथमिकता दें, जिन्हें अन्य किसी योजना से आच्छादित नहीं किया जा सकता।

मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि अभिसरण में अधिक से अधिक स्वरोजगार व सामुदायिक कार्ययोजनाएं शामिल करें। अभी तक केवल 10 विभागों द्वारा 25 करोड़ की कुल 348 कार्ययोजनाओं को मनरेगा अभिसरण में प्रस्तावित किया गया है, जिसमें 15 करोड़ 23 लाख मनरेगा अंश जबकि 9 करोड़ विभागीय अंश शामिल है। इन योजनाओं से 321 ग्रामपंचायतों आच्छादित होंगी। इसमें सबसे अधिक 174 कार्ययोजनाएं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की शामिल हैं। इसके अलावा मुख्यतया 81 कार्ययोजनाएं पशुपालन, 32 कृषि विभाग, 23 मत्स्य पालन से संबंधित है।

मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विभागों ने मनरेगा अभिसरण में कार्ययोजनाओं को शामिल नहीं किया है, वे तीन दिन के भीतर कार्ययोजनाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने खण्ड विकास अधिकारियों भी निर्देशित किया कि विकासखण्ड स्तर पर  तत्काल एक बैठक कर कार्ययोजनाओं को तैयार करवाना सुनिश्चित करें। साथ ही बैठक का कार्यवृत भी उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उद्यान, कृषि सहित अन्य विभाग पौधरोपण सम्बन्धी कार्ययोजनाओं को अनिवार्य रूप से मनरेगा अभिसरण में शामिल करवाएं।

 

साथ ही ऐसे सामूहिक कार्यो को भी अनिवार्य रूप से शामिल करें, जिसके क्रियान्वयन में आर्थिक बाधा आड़े आ रही हो। बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ वीके यादव, जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, बाल विकास अधिकारी देवेंद्र थपलियाल आदि उपस्थित थे।

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