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काशीपुर में दो दिवसीय स्टार्टअप बूटकैम्प का सफल आयोजन, नवाचार और उद्यमिता को मिला नया आयाम….

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काशीपुर – जिला उद्योग केंद्र, उधम सिंह नगर द्वारा निदेशालय उद्योग, उत्तराखंड के मार्गदर्शन में एवं आईआईएम काशीपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (FIED) के सहयोग से दो दिवसीय स्टार्टअप बूटकैम्प का आयोजन को राधे हरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, काशीपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस बूटकैम्प का उद्देश्य जिले के युवाओं व छात्र-छात्राओं को उद्यमिता और नवाचार की दिशा में प्रेरित करना तथा उन्हें स्टार्टअप की दुनिया से जोड़ना था। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से आए युवाओं ने सक्रिय भागीदारी की और अपने नवाचार आधारित विचार प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय उपजिलाधिकारी श्री अभय प्रताप सिंह (काशीपुर) द्वारा किया गया। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का युग नवाचार और उद्यमिता का है। युवा यदि आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं तो उन्हें स्टार्टअप को करियर के रूप में अपनाना चाहिए। यह न केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम है, बल्कि रोजगार सृजन का भी एक महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है।

विशिष्ट अतिथि विपिन कुमार, महाप्रबंधक – उद्योग, उधम सिंह नगर ने स्टार्टअप बूटकैम्प को युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि जिले में स्टार्टअप की अपार संभावनाएं हैं और यदि युवा समाज की समस्याओं को केंद्र में रखकर नवाचार करें तो वे समाज के अन्य लोगों के लिए भी अवसर उत्पन्न कर सकते हैं।

आईआईएम काशीपुर के प्रोफेसर देवेंद्र पाठक ने प्रतिभागियों को बिजनेस मॉडल कैनवस की जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार एक स्टार्टअप विभिन्न हितधारकों के लिए मूल्य निर्माण कर सकता है। उन्होंने विचार से व्यवसाय तक की प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

काशीपुर से आये स्थानीय उद्यमी नीरज चौधरी ने ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की अवधारणा पर आधारित अपने सस्टेनेबल स्टार्टअप की प्रेरक कहानी साझा की, जिसमें वे गाय के गोबर से आकर्षक कलाकृतियाँ बनाकर पर्यावरण के प्रति जागरूकता और ग्रामीण रोजगार का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहे हैं।

दूसरे दिन, कार्यशाला में 13 नवाचार आधारित स्टार्टअप विचारों को प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। काशीपुर के एक अन्य स्थानीय उद्यमी शुभेंदु शर्मा ने अपने स्टार्टअप की प्रेरणादायक यात्रा साझा की, जिसमें वे “प्रकृति को घर लाने” की अवधारणा को साकार कर रहे हैं। उनका विचार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ एक सृजनात्मक व्यवसाय मॉडल भी प्रस्तुत करता है।

कार्यक्रम की रूपरेखा और समन्वयन में राधे हरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, काशीपुर के किरण कुमार पंत एवं प्रोफेसर अंतरिक्षा नेगी की अहम भूमिका रही। उन्होंने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करते हुए बूटकैम्प को एक सार्थक दिशा प्रदान की। यह स्टार्टअप बूटकैम्प जिले के नवप्रवर्तनशील युवाओं के लिए एक सशक्त मंच बना और उनमें उद्यमिता के प्रति नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

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