संघर्ष से सफलता तक: ठेकेदार बनने की यात्रा
करीब 40 साल पहले, उस्मान नामक एक व्यक्ति नैनीताल आया था, जो केवल एक साधारण राजमिस्त्री था। राज्य अतिथिगृह में काम करने के बाद, उसने कई ठेकेदारों के साथ काम किया और धीरे-धीरे छोटे ठेके लेने लगा। लगभग तीन दशक पहले, वह लोनिवि में बतौर ठेकेदार पंजीकृत हुआ और नगर पालिका सहित अन्य विभागों में भी पंजीकरण कराया। हाल ही में, उसे एक प्रतिष्ठित निजी संस्था का ढाई करोड़ रुपये का ठेका मिला।


दुष्कर्म का आरोप और कानूनी कार्रवाई
हाल ही में, उस्मान पर एक 12 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोप लगा। माँ की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी की गिरफ्तारी की। घटना के बाद, कुछ लोगों ने विरोध स्वरूप दुकानों में तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने 25-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
यह घटना यह दर्शाती है कि किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे केवल मेहनत और संघर्ष नहीं, बल्कि उसके आचरण और नैतिकता भी महत्वपूर्ण हैं। समाज में किसी भी व्यक्ति को उसके पद और प्रतिष्ठा के आधार पर न्याय से ऊपर नहीं माना जा सकता। कानून सभी के लिए समान है और किसी भी अपराधी को सजा दिलाना हमारी जिम्मेदारी है।

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