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जल संरक्षण अभियान 2025: पौड़ी जनपद की अग्रणी भूमिका, समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण योजनाओं को मिली स्वीकृति….

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पौड़ी – जल संरक्षण अभियान 2025 के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की समीक्षा बैठक जिला कार्यालय स्थित एन.आई.सी. कक्ष में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागीय अधिकारियों एवं समिति सदस्यों ने प्रतिभाग किया।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने 28 मार्च 2025 को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा भगीरथ ऐप के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए बताया कि जल स्रोतों की पहचान हेतु जनपद पौड़ी ने राज्य स्तर पर अब तक सर्वाधिक प्रविष्टियाँ दर्ज की हैं, जो जनसहभागिता की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत वन विभाग, ग्राम्य विकास, लघु सिंचाई आदि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा गैप फंडिंग के माध्यम से जल संरक्षण गतिविधियों पर 25 लाख रुपए की धनराशि व्यय की गई है। जिलाधिकारी ने 1 करोड़ रुपए तक की योजनाओं के लिए स्प्रिंग शेड प्लान एवं डी.पी.आर. शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जल संस्थान एवं पेयजल निगम की जलापूर्ति योजनाओं को सारा (SARA) पोर्टल के अंतर्गत क्रिटिकल जल स्रोतों के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता देने को कहा। पूर्व में हव्यूल नदी पर संचालित पंपिंग योजनाओं के पुनर्जीवन हेतु कार्ययोजना को अनुमोदित एवं स्वीकृत किया गया।

इसके अतिरिक्त, इरगाड़ सूक्ष्म जलागम क्षेत्र के अंतर्गत निशणी पेडुल योजना तथा डाडा मंडी से दुगड्डा, पोखाल से मालन नदी, और चूना मेहरा की तीन अन्य योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे पेयजल आपूर्ति और वर्षा आधारित कृषि को बल मिलेगा।

जिलाधिकारी ने जल संरक्षण अभियान 2025 की एस.ओ.पी. के अनुरूप खंड विकास अधिकारियों, सिंचाई, लघु सिंचाई, पेयजल एवं वन विभाग को निर्देशित किया कि वे वित्तीय वर्ष 2024-25 के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करें।

बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, उप निदेशक जलागम डी.एस. रावत सहित विभिन्न विकासखंडों के खंड विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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