मालधन (सलीम अहमद) केंद्र सरकार के तीन किसान विरोधी काले कानून के विरोध में किसान संगठनों के आह्वान पर भारत बंद के तहत मालधन चौड़ का के मुख्य बाजार सहित अन्य दुकाने भी बंद रही। किसानों द्वारा भारत बंद का आह्वान किया था जिसको लेकर अम्बेडकर तिराहे पर मालधन क्षेत्र में युवा एकता संगठन, महिला एकता मंच और प्रजातंत्र विकास समिति द्वारा समूहिक प्रदर्शन कर जन सभा का आयोजन किया गया । भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारे बाजी करते हुए भाजपा सरकार को चेताया की देश की जनता आंदोलन कर रहे किसानों के साथ खड़ी हैं। वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के तीनों कृषि बिल देश की खेती-किसानी पर कॉरपोरेट तथा बहुराष्ट्रीय निगमों का आधिपत्य स्थपित कर देगा। फसल के समय पर ये किसानों के उत्पाद औने- पौने दामो पर खरीद कर अपने गोदामो में भर लेंगे तथा बाद में मनचाहे रेटो पर बेच कर जनता के जेब पर डाका डालेंगे। केवल किसानों को ही नहीं बल्कि देश की आम जनता को भी इन काले कानूनों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि किसानों का जो महाआंदोलन चल रहा है कृषि सुधार के नाम पे और भारत सरकार उद्योगपतियो को, कारपोरेट घरानों को और पूंजीपतियों को लाभ दिलाने के उद्देश्यों से जो काले कानून लाई हैं हम उसका पुरजोर विरोध करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि ये काले कानून वापस ले नही तो हम सरकार के ताबूत में कील थोक देंगे ईट से ईंट बजा देंगे। जब तक सरकार ये काले कानून वापस नही लेती हैं तब तक हम कदम पीछे नही हटाएंगे और उग्र आंदोलन करेगे।



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