रुद्रपुर- शुक्रवार को नईम नवाब, उपाध्यक्ष राज्य अल्पसंख्यक आयोग, उत्तराखण्ड सरकार, दर्जा राज्य मंत्री द्वारा बताया गया कि 05 जुलाई 2023 को अल्पसंख्यक आयोग के कार्यालय अल्पसंख्यक कल्याण भवन शहीद भगत सिंह कालोनी अधोईवाला देहरादून में प्रातः 11:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक 28 प्रकरणों की सुनवाई संपन्न हुई, जिसमें 10 शिकायती प्रकरणों का निस्तारण किया गया। सुनवाई के दौरान आयोग के मा० अध्यक्ष आर0 के0 जैन, उपाध्यक्ष मज़हर नईम नवाब, उपाध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह, सदस्य गुलाम मुस्तफा, सीमा जावेद, तस्लीम अहमद, वरीश असगर अली, परमजीत सिंह, सचिव जगदीश रावत व शमा परवीन वैयक्तिक सहायक आदि उपस्थित रहे।
मज़हर नईम नवाब द्वारा बताया गया कि मौ० अकरम अब्दुल रशीद निवासी श्यामपुर, सुल्तानपुर पट्टी, तहसील- बाजपुर, जिला ऊधमसिंह नगर के शिकायती प्रकरण में पुलिस विभाग की ओर से भूपेन्द्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी बाजपुर उपस्थित हुए। प्रकरण में प्रार्थी मौ० अकरम के प्रार्थना पत्र के अनुसार प्रार्थी के पुत्र मो० अर्श, उम्र 14 वर्ष को ना०वा० रामपुर मोड़ सुल्तानपुर पट्टी से घर आते समय चैकिंग के दौरान पुलिस द्वारा प्रार्थी के पुत्र के साथ अभद्र व्यवहार कर मारपीट की गयी तथा मोटरसाईकिल का भी चालान करते हुए सीज कर दिया। एस0आई0 विजय सिंह द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुए प्रार्थी के पुत्र को धमकी भी दी गयी। प्रार्थी के पुत्र के साथ पुलिस द्वारा मारपीट किये जाने के कारण पुत्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बाजपुर में डॉ० द्वारा उपचार कर हायर सेन्टर के लिए रेफर कर दिया, वर्तमान में भी प्रार्थी के पुत्र का ईलाज चल रहा है।


इस वर्ष प्रार्थी के पुत्र की हाई स्कूल की परीक्षा है। उक्त घटना से पुत्र डरा सहमा हुआ है तथा घर से बाहर निकलने को भी मना कर रहा है। इस सम्बन्ध में श्री भूपेन्द्र सिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी, बाजपुर द्वारा अवगत कराया गया कि आवेदक के पुत्र अर्श की मोटर साईकिल का नियमानुसार मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत चालान किया गया है तथा इस दौरान पुलिस के द्वारा पुत्र के साथ कोई मारपीट नहीं की गयी है तथा मेडिकल के सम्बन्ध में स्थानीय डॉक्टरों से पूछताछ करने पर आवेदक द्वारा पुत्र / मरीज के आंख में चोट लगना बताया गया, जिस कारण ई०एन०टी० सर्जन के लिए रैफर करना कोई गम्भीर चोट न होना बताया गया। यदि आवेदक के पुत्र के साथ पुलिस द्वारा मारपीट की गयी होती, तो रैफर के बाद अपने पुत्र का ईलाज कर मेडिकल प्रपत्र प्रस्तुत किया जाता, जोकि उनके द्वारा नहीं किया गया
तथा अपने पुत्र के बयान अंकित ना करवाते हुए जांच में सहयोग भी नहीं किया गया। अतः मा० आयोग द्वारा पत्रावली का परिशीलन कर निर्णय लिया गया कि प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता मौ० अकरम व पुलिस विभाग की जांच में विरोधाभास की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसे स्पष्ट कराये जाने हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी, ऊधमसिंह नगर को निर्देशित किया गया कि प्रश्नगत प्रकरण में मौ० अकरम के पुत्र अर्श के साथ घटित घटना से संबंधित कराये गये मेडिकल / इलाज़ की सप्लीमेंट्री रिपोर्ट / अनुपूरक आख्या 15 दिन के अन्दर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। एक अन्य प्रकरण श्री साहिब खान पुत्र सुराज खान, निवासी ग्राम पण्डरी, तहसील सितारगंज, जिला ऊधमसिंह नगर के शिकायती प्रकरण पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल की ओर से प्रतिनिधि के रूप में नन्दन खतवाल, व प्रशाoअधिकारी उपस्थित हुए। कुल सचिव, गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर अनुपस्थित रहे तथा उनके स्तर से अनुपस्थिति की कोई सूचना / पत्राचार भी नहीं किया गया।
प्रकरण में प्रतिनिधि नंदन खतवाल, व प्रश० अधिकारी, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल द्वारा अवगत कराया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रार्थी साहिब खान की उत्तर-पुस्तिकाओं व बैक पेपर की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनः परीक्षण किया गया तथा साहिब खान की उत्तर-पुस्तिकाओं में अंक अति न्यून है व उत्तीर्ण अंक से भी अति न्यून है, यदि साहिब खान को बैक उत्तर-पुस्तिकाओं में एक या दो अंक दे भी दिये जाते है, तब भी साहिब खान अनुत्तीर्ण ही रहेंगे। अतः मा० आयोग द्वारा पत्रावली का परिशीलन कर निर्णय लिया गया कि प्रश्नगत प्रकरण में प्रतिनिधि नंदन खतवाल, व प्रशा० अधिकारी, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के उक्त कथनानुसार साहिब खान की बैक उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्याकन से अंक अतिन्यून होने के कारण साहिब खान को उत्तीर्ण किया जाना सम्भव नहीं है। प्रकरण में कुल सचिव, गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल अनुपस्थित रहे, जिसके दृष्टिगत स्पष्टीकरण सहित 03 दिन के अन्दर मा० आयोग के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश पारित किया गया। तद्नुसार प्रकरण को ना० आयोग के स्तर से निक्षेपित किया जायेगा।
एक अन्य प्रकरण सुरेन्द्र सिंह पुत्र सुखदेव सिंह नामधारी, निवासी-ताली फार्म, तहसील – बाजपुर, जिला ऊधमसिंह नगर के प्रकरण में पुलिस विभाग की ओर से भूपेन्द्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी, बाजपुर उपस्थित हुए। प्रकरण में भूपेन्द्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी बाजपुर द्वारा मा० आयोग की पूर्व सुनवाई दिनांक 21.04.2022 को पारित आदेश के अनुपालन में सुरेन्द्र सिंह के पिता सुखदेव सिंह नामधारी के विरूद्ध पंजीकृत 19 मुकदमों के सम्बन्ध में वर्तमान मुकदमों की अद्यतन स्थिति की सूची मा० आयोग के समक्ष प्रस्तुत की गयी। अतः मा० आयोग द्वारा पत्रावली का परिशीलन कर निर्णय लिया गया कि प्रश्नगत प्रकरण में पुलिस क्षेत्राधिकारी, बाजपुर द्वारा उपलब्ध करायी गयी मुकदमों की अद्यतन स्थिति की सूची की एक प्रति शिकायतकर्ता सुरेन्द्र सिंह को इस आशय से प्रेषित की जाये कि सूची के सम्बन्ध मे अपना प्रतित्युत्तर मा० आयोग को उपलब्ध कराये। तद्नुसार प्रकरण मा० आयोग के स्तर से निक्षेपित किया जायेगा।
कु० सना परवीन पुत्री मो० रईस अहमद, निवासी- नियाजगंज, अल्मोड़ा के शिकायती प्रकरण पर सुनवाई के दौरान कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में नंदन खतवाल, वo प्रशासनिक अधिकारी तथा उच्च शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि के रूप में डॉ० दीपक कुमार पाण्डेय, सहा० निदेशक उपस्थित हुए। विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा उपस्थित नहीं हुए तथा न ही उनके द्वारा कोई पत्राचार / सूचना मा० आयोग को प्रेषित की गई है, जिस पर मा० आयोग द्वारा खेद व्यक्त करते हुए 03 दिन के अंदर स्पष्टीकरण सहित मा० आयोग के कार्यालय, देहरादून में उपस्थित होने का निर्देश पारित किया गया, अन्यथा की स्थिति में मा० आयोग द्वारा उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम की धारा-15 के अन्तर्गत निहित प्राविधान के अनुसार कार्यवाही प्रचलित की जायेगी।
प्रार्थीनी कु० सना के भविष्य को देखते हुए कुल सचिव, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल को निर्देशित किया गया कि विशेष परिस्थितियों में कुछ सना की बी०ए० में आयी बैक पेपर से संबंधित परीक्षा कराते हुए सफलता कर समस्या का समाधान एक माह के अन्दर अनिवार्य रूप से कराते हुए मा० आयोग को अवगत कराना सुनिश्चित करें। सुनवाई के दौरान अनुपस्थित अधिकारियों को 05 दिन के अंदर स्पष्टीकरण सहित मा० आयोग के कार्यालय अल्पसंख्यक कल्याण भवन, शहीद भगत सिंह कालोनी, अधोईवाला, देहरादून में उपस्थित होने का निर्देश पारित किया गया। भवन शहीद भगत सिंह कालोनी में प्रकरणों की सुनवाई संपन्न हुई जिसमें 10 शिकायती प्रकरणों का निस्तारण किया गया……

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