रुद्रपुर-रुद्रपुर थाना ट्रांजिट कैंप आज भी बदहाल स्थिति में हैं जब के इससे पहले 2014 में यह चौकी ट्रांजिट कैंप के नाम से जानी जाती थी जब सिडकुल की स्थापना हुई और लगातार अपराधिक वारदात बढ़ी तो चौकी ट्रांजिट कैंप की जगह ट्रांजिस्ट कैंप थाना स्थापित किया गया जिसके पहले थाना अध्यक्ष सुशील कुमार नियुक्त किए गए आपको बता दें आज भी थाना ट्रांजिट कैंप बदहाल स्थिति में है ना तो वहां पर पीड़ित के आने के बाद बैठने की व्यवस्था है ना ही पुलिसकर्मियों के लिए मैस की व्यवस्था है
और 12 से 14 घंटे लगातार थाना अध्यक्ष काम करने के बावजूद भी आराम करने के लिए उनकी रेस्ट की भी कोई व्यवस्था नहीं है कहने को तो थाना है लेकिन देखा जाए तो चौकी भी इससे बड़ी होगी बात करें थाने के अंदर अभिलेख रखने की की भी सही जगह नहीं है 2014 से अब तक कई थानाध्यक्ष यहां पर आए और चले गए और अपने रिक्स पर थाने में जो भी कार्य कराया गया और काम चलाओ आज भी चल रहा है


जब हमारे चैनल की टीम ने थाना ट्रांजिट कैंप का निरीक्षण किया तो वहां पर ना तो पीड़ित करता के बैठने की व्यवस्था थी ना ही पुलिसकर्मियों के रहने की कोई बेरीक की व्यवस्था है देखा जाए तो इस थाने पर लगभग एक से डेढ़ लाख लोगों की जिम्मेदारी है क्षेत्रफल देखा जाए तो गंगापुर, गणेशपुर, ट्रांजिट कैंप,जगतपुरा, आवास विकास, शिवनगर, रविंद्र नग, कई बड़ी-बड़ी मलिन बस्तियां और गांव आते हैं लेकिन अभी तक शासन-प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है
जब हमने थाना अध्यक्ष से बात करनी चाहिए तो उन्होंने अनुशासन का हवाला देते हुए उच्च अधिकारी से बात करने और अपने अनुशासन को कायम रखने की बात कही बात करें जो पुलिस रात और दिन जनता की सेवा में लगी रहती है और वही पुलिस को इतनी परेशानी झेलने पर मजबूर है इस और किसी नेता यह किसके उच्च अधिकारी की अभी तक 2014 से अब तक कोई ध्यान नहीं गया है देखते हैं हमारी खबर के बाद प्रशासनिक अधिकारी और जनता के जनप्रतिनिधियों और सरकार मैं बैठे मंत्री और विधायक की आंखें कब खुलती हैं यह तो आने वाला वक्त बताएगा

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