एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार विकास की बड़े-बड़े दावे करती हैं और दूसरी तरफ सरकारी मशीनरी के अंदर तेल तक नसीब नहीं होता है बात करें देश के सबसे बड़े विभाग एनएच आई की तो इन दिनों उधम सिंह नगर के अंदर यह आसानी से देखा जा सकता है
एनएच आई के अधिकारी कितने ढीले और लाचार और मजबूर दिखते हैं बात करें यहां की प्रशासन की तो एन एच आई और प्रशासन के अंदर भी आपसी तालमेल दिखाई नहीं दे रहा है आपको बताते चलें एनएच 74 पर 4 दिन से लगातार अतिक्रमण हो रहा है


जिसमें नगर निगम के अधिकारी बिजली विभाग के अधिकारी और एसडीएम रुद्रपुर एन एच के साइट इंजीनियर और टेक्निकल मैनेजर और भारी संख्या में पुलिस फोर्स 7 चल रही है लेकिन आज एसडीएम रुद्रपुर ने एनएचके पीडी को अतिक्रमण में सहयोग न करने को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए अतिक्रमण स्थल से चले गए एसडीएम रुद्रपुर का कहना था
एनएचके अधिकारी कार्य में लापरवाही कर रहे हैं और यह हकीकत भी है जिस तरीके से एनएचआई के अधिकारियों ने खटीमा रुद्रपुर जसपुर मैं टूल टैक्स तो वसूल शुरू कर दिया है लेकिन एनएचआई के मानक के आधार पर कार्य पूरा नहीं किया गया है बात करें सितारगंज से लेकर रुद्रपुर किच्छा गदरपुर मैं अभी नेशनल हाईवे के दोनों साइड में ना तो नाले बनाए गए ना पुलिया बनाई गई
जिसकी वजह से अभी पिछले दिनों भारी बरसात की वजह से बनखंडी कॉलोनी में और सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी भर गया और काफी बड़ी संख्या में किसानों की खेती को नुकसान हुआ और कॉलोनी में रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा लेकिन एनएचआई के अधिकारियों के कान पर कोई जो नहीं रहती
और तो और एन एच आई के मशीनों की बात करें तो उसमें तेल तक नसीब नहीं होता यह है एन एच आई की काम करने का तरीका जब हमारे संवाददाता एन एच आई के साइट इंजीनियर से बात की तो उन्होंने जेसीबी में पंचर होना और खराब होने की बात कही दूसरी जेसीबी को बुलाने पर उसमें तेल ना होना की बात सामने आई सवाल उठता है
जब अतिक्रमण को हटाने का निर्धारित समय तय कर दिया गया तो अतिक्रमण अधिकारियों को और एनएच के अधिकारियों को अपनी मशीनों को समय अनुसार अतिक्रमण स्थल पर क्यों नहीं पहुंचाया गया
और उसमें तेल और समय अनुसार उनकी चेकिंग मरम्मत क्यों नहीं कराई गई इससे तो अतिक्रमण अधिकारियों की भारी लापरवाही सामने आ रही है जिसका खामियाजा मासूम जनता को भुगतना पड़ रहा है कभी बरसात की मार में तो कभी फैक्ट्रियों के गंदे पानी से जो नाला ना बने होने के कारण खेतों में फसलों को बर्बाद कर रहा है और एन एच आई के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं
इसका जिम्मेदार कौन सरकार को चाहिए के इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन ठेकेदारों को भी ब्लैक लिस्ट किया जाए जो तेय समय अनुसार काम नहीं कर रहे हैं एक तरफ सरकार जनता को विकास की बात कर रही है और एनएचआई टैक्स के नाम पर 3 गुना ज्यादा पैसा वसूल रही है
लेकिन एन एच आई के नियमों का किसी भी तरीके का कोई पालन होता नजर नहीं आ रहा है
इसलिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार को चाहिए जब तक एनएचआई का पूरी तरीके से निर्माण नहीं होता तो मासूम जनता को टेक्स्ट मुक्त करना और एनएच आई के लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना नियम के अधीन विकास कार्यों में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तो बनती है
अब देखते हैं कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार कितना जनता को राहत देती है यह तो आने वाला वक्त बताएगा

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