हल्द्वानी। शीशमहल में हनुमान चालीसा पढ़ कर लौट रहे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की पिटाई और उन पर पथराव किसी मुस्लिम ने नहीं किया बल्कि यह हमला एक गैंग जो आईटीआई गैंग के नाम से जाना जाता है इस गैंग ने इस हमले को अंजाम देकर सांप्रदायिक सौहार्द खराब करने का प्रयास किया यह बात पुलिस की जांच में सामने आई है।
जिसके बाद इस गैंग के 11 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आईटीआई गैंग का हाथ सामने आया है, यह गैंग हल्द्वानी शहर में करीब 8 साल से सक्रिय है इस गैंग के अधिकांश सदस्य आईटीआई करने वाले या फिर आईटीआई चौराहे के आसपास ही रहते हैं एसएसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस गिरोह का पता चला है जिसके बाद पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है।


आपको बताते हैं कि क्या है शीशमहल की घटना।
हल्द्वानी-शनिवार को आईटीआई गैंग के तीन सदस्य शीशमहल शिव मंदिर के पास गए थे जहां उनका बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से विवाद हो गया था देर शाम बजरंग दल के कार्यकर्ता जब हनुमान चालीसा पढ़ कर लौटे तो एक दुकान पर रुक गए, मुस्लिम समुदाय के तीन युवक भी वहां पहुंचे और उनके बीच में धर्म को लेकर कुछ कहासुनी हुई इसी बीच आईटीआई गैंग के 25 से 30 सदस्य बाइक से पहुंचे और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू कर दिया घटनास्थल पर हंगामा होने पर लोगों की भीड़ जुटी तो गैंग के सदस्यों ने पथराव करना शुरू कर दिया और वहां से भाग निकले इसी दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का मुस्लिम संप्रदाय के युवकों से कुछ कहासुनी हुई थी तो सभी ने समझ लिया कि पूरी घटना के पीछे मुस्लिम युवक ही हैं जिसने सांप्रदायिक रूप ले लिया और कार्यकर्ता कार्यवाही की मांग को लेकर काठगोदाम थाने पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। नैनीताल पुलिस ने इस मामले का पर्दाफाश करके लोगों के सामने सच्चाई ला दी है और उन लोगों को आईना दिखाया है जो हल्द्वानी की फ़िज़ा को बिगाड़ने के मंसूबे पाले हुए थे। शहरवासी सच सामने लाने के लिए नैनीताल पुलिस की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक 30.04.2022 को थाना काठगोदाम में मु०अ०स०–55/2022धारा 147/149/153ए/323/504/506/296 भादवि बनाम मोहम्मद लारिफ आदि में अभियोग पंजीकृत किया गया है । जिस में थाना पुलिस द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए दिनांक 01.05.2022 को मोहम्मद लारीफ आदि 10 अभियुक्तों को सांप्रदायिक_सौहार्द_को_बिगाड़ने में तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। दिनांक 02.05.2022 को सीसीटीवी_फुटेज के आधार पर अन्य 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर दिनांक 03.05.2022 को जेल भेजा गया है।
नैनीताल पुलिस आपको अवगत कराती है
उपरोक्त संबंध में यह देखा जा रहा है कि कुछ अराजक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह/ सांप्रदायिक विद्वेष फैलाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा उपरोक्त मामले से संबंधित कोई भी भ्रामक पोस्ट /सांप्रदायिक टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफार्मो में प्रसारित की जाती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
#जनपद_के_सोशल_मीडिया_मॉनिटरिंग_सैल द्वारा लगातार सोशल मीडिया प्लेटफार्मों में प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है। अतः सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली कोई भी पोस्ट प्रसारित करने से बचें।

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