शादी से इंकार करने पर परिजनों से खफा था प्रेमी युगल
युवती के परिजनों ने कही और तय कर दिया रिश्ता


हल्द्वानी-(एम् सलीम खान) इश्क परवान नहीं चढ़ा तो एक प्रेमी जोड़े ने मौत को गले लगना बेहतर समझा। यह प्रेमी जोडा अपने प्रेम को जन्म जन्म निभाने के लिए शादी करना चाहता था, लेकिन परिजनों ने इसके लिए अपनी रजामंदी देने से इंकार कर दिया। वही युवती के परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। इससे अहत होकर इस प्रेमी जोड़े ने शनिवार की देर रात जहर खाकर जान दे दी। रविवार की सुबह उनके शव प्रेमी की परचून की दुकान से बरामद किए गए।इस सनसनीखेज मामले की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है। भीमताल विकासखंड के स्यूडा गांव निवासी हीरा सिंह उम्र 25 वर्ष पुत्र गणेश सिंह गांव में ही रहने वाली अनीता उम्र अट्ठारह पुत्र लक्ष्मण सिंह संम्मल से प्रेम करता था।
कुछ महीने पहले ही हिलाने गांव की मुख्य सड़क पर परचून की दुकान खोली थी। दोनों के प्यार की इस कहानी की भनक उनके परिजनों को भी लग चुकी थी। इसके बाद अनीता ने अपने परिवार के सामने हीरा से शादी करने का प्रस्ताव रखा लेकिन परिजनों ने इस प्रेम कहानी को जन्म जन्म तक निभाने के प्रस्ताव से साफ इनकार कर दिया। अनीता के परिजनों ने उसका विवाह ज्योलीकोट में तय कर दिया। इससे खफा प्रेमी युगल परेशान रहने लगा। शनिवार देर रात अनीता अपनी छोटी बहन के साथ दूसरे घर में मौजूद मां के पास जाने के लिए निकली लेकिन रास्ते में अनीता ने छोटी बहन को यह कहकर अकेला भेज दिया कि में कुछ देर में आ जाएगी। जिसके बाद वे सीधे हीरा की दुकान पहुंची जाहिरा पहले से ही अपनी दुकान में मौजूद था। दोनों ने रात में ही जहर खा लिया। सुबह जब हीरा की मां दुकान पर पहुंची और दरवाजा खोला तो हीरा और अनीता के शव दुकान में पड़ी चारपाई पर पड़े देखें।
इधर कुछ ही देर में प्रेमी युगल की आत्मा से खबर जंगल में लगी आग की तरह फैल गई और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए जानकारी पाकर पटवारी है पलडिया मौके पर पहुंचे उन्होंने घटना की जानकारी काठगोदाम थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। इस में प्रेमी युगल ने प्यार करने और परिजनों की खिलाफत की बात लिखी है। घटनास्थल पर मौजूद काठगोदाम थाने के उप निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि प्रेमी युगल ने सुसाइड नोट में लिखा है कि परिवार वाले उनकी शादी से राजी नहीं थे। अनीता की 3 बहनें एक भाई है। जबकि हीरा का एक भाई शुभम है जो बेंगलुरु में नौकरी करता है। इधर परिवार अनीता पर केंद्रीय की हमले की आशंका से परेशान होकर रात भर उसकी खोजबीन करता रहा।

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