आलीशा केस मामला पहुंचा शासन तक मुख्य सचिव ने डीएम पंत को मामले की जांच के दिए निर्देश

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रुद्रपुर-(एम् सलीम खान) (ऊधम सिंह नगर पुलिस की बड़ी लापरवाही)-(हत्या के मामले को गंभीरता से नहीं लेने पर नप सकते हैं कई पुलिस अधिकारी)-(वरिष्ठ पत्रकार एम सलीम खान की मुहिम लाई रंग) देहरादून/रुद्रपुर आलीशा केस मामले की भनक अब शासन स्तर तक पहुंच गई है।इस मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड के मुख्य सचिव डॉ एस एस सिंधु ऊधम सिंह नगर के जिला अधिकारी युगल किशोर पंत को इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य सचिव के पीएस उनियाल ने इस संबंध में ऊधम सिंह नगर के जिला अधिकारी युगल किशोर पंत को जारी निर्देशों में कहा कि इस मामले में संदिग्ध मौत की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। आपकों बता दें कि आलीशा केस मामले में उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक  अशोक कुमार ने भी पीड़ित परिवार की फरियाद को गंभीरता से लेते हुए रुद्रपुर की अपर पुलिस अधीक्षक नगर ममता बोहरा से इस मामले की पूरी रिपोर्ट तलब की है। वही अब इस मामले में उत्तराखंड के मुख्य सचिव डॉ एस एस सिंधु ने भी गंभीरता दिखाई है।आपको बता दें कि रुद्रपुर की रेशम कालोनी के रहने वाले अशरफ़ की 11 वर्षीय नाबालिग बेटी आलीशा का शव घर में ही फांसी पर लटका पाया गया था। वही पुलिस ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई और पीड़ित परिवार की नामजद रिपोर्ट को भी विलम्ब से दर्ज किया था। मामले की जांच पड़ताल रुद्रपुर कोतवाली में तैनात महिला एस आई राखी धोनी ने की थी। वही रम्पुरा पुलिस चौकी की भूमिका भी इस मामले में संदिग्ध मानी जा रही है।आरोप है कि चौकी पुलिस ने इस मामले में आरोपी युवक को हिरासत में लेने के कुछ देर बाद ही उसे दो कथित नेताओं की सिफारिश पर छोड़ दिया गया।मित्र पुलिस का यह कारनामा इस समय में मीडिया में जमकर सुर्खियां बटोर रहा है।माना जा रहा है कि अगर शासन और पुलिस के आला अधिकारी इस मामले की जांच गंभीरता से करें तो इस मामले में पुलिस के कई अधिकारी और कर्मचारी नप सकते है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने आरोपी को बचाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी है। वही इस मामले में चौकी पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। रसूखदारों के कहने पर रम्पुरा चौकी पुलिस ने इस मामले को गंभीरता में दिखाई, और नामजद आरोपी युवक अफजल को हिरासत में लेने के चंद घंटों बाद ही छोड़ दिया गया।अब यह मामला डीजीपी के दरबार सहित शासन तक पहुंच गया है। आपकों बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार एम सलीम खान ने इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के आवाज़ उठाई थी और उत्तराखंड खबरनामा न्यूज नेटवर्क में यह मामला सुर्खियों में आया था। जिसके बाद एम सलीम खान की यह मुहिम रंग लाई और पुलिस के आला अधिकारियों सहित शासन ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए इसे गंभीरता से लिया है। आपकों बता दें कि अगर शासन और प्रशासन इस मामले को गंभीरता लेकर उच्च स्तरीय जांच कराएं तो इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मियों पर गाज गिर सकती है। फिलहाल इस मामले में शासन और डीजीपी ने गंभीरता से लेते हुए उधम सिंह नगर पुलिस और प्रशासन से जवाब तलब किया है। जिसके बाद स्थानीय पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच हुआ है।

 

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