अल्पसंख्यक बच्चों की उच्च शिक्षा पर विशेष फोकस, डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने की समीक्षा बैठक

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हल्द्वानी/काठगोदाम – उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी की अध्यक्षता में बुधवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में जनपद नैनीताल के अल्पसंख्यक बच्चों की उच्च शिक्षा, शैक्षिक गुणवत्ता तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के मदरसों के प्रबंधकों, धर्मगुरुओं, उलेमाओं तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को उच्च शिक्षा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रवृत्ति, कोचिंग, कैरियर मार्गदर्शन तथा अन्य शैक्षिक योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र छात्र तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचाया जाए, ताकि आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे।

उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित मिड-डे मील योजना सहित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अध्ययनरत प्रत्येक पात्र छात्र को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक के दौरान धर्मगुरुओं एवं उलेमाओं ने मदरसा शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं, मान्यता प्रक्रिया तथा अन्य व्यावहारिक समस्याओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। डॉ. गांधी ने सभी विषयों पर गंभीरता से चर्चा करते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन विषयों पर तत्काल निर्णय संभव नहीं हो सका है, उन्हें अगली समीक्षा बैठक में विस्तार से रखा जाएगा।

इस अवसर पर ओबीसी आयोग के सदस्य डॉ. जेड. ए. वारसी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से अल्पसंख्यक समाज के बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़कर ही बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनेगा और समाज का समग्र विकास संभव होगा।

बैठक में प्रोफेसर हामिद अली एवं डॉ. एलवा एड्रिनल ने भी अल्पसंख्यक शिक्षा को सशक्त बनाने संबंधी अपने विचार रखे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर बल दिया।

प्राधिकरण अध्यक्ष ने मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी को निर्देश दिए कि जनपद के मदरसों में शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता तथा आधारभूत सुविधाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए। साथ ही अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक पात्र छात्रों को लाभान्वित किया जाए।

बैठक में ओबीसी आयोग के सदस्य डॉ. जेड. ए. वारसी, प्रोफेसर हामिद अली, डॉ. एलवा एड्रिनल, मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी, मदरसा धर्मगुरु मौलाना एस. राजा सहित जनपद के विभिन्न मदरसों के धर्मगुरु, उलेमा एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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