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प्रदेशभर में फिर सक्रिय हुआ मानसून, पहाड़ों में भूस्खलन और नदियों के उफान का खतरा

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देहरादून – उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बुधवार के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं तेज से भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर तेज से अति तेज वर्षा होने की भी संभावना जताई गई है।

बुधवार सुबह से ही नैनीताल, हल्द्वानी सहित कुमाऊं मंडल के कई हिस्सों में रिमझिम बारिश का दौर जारी है। बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज होने से ठंडक बढ़ गई है।

लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, सड़कें बाधित होने तथा नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने तथा नदी-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है।

32 सड़कें बंद, राहत कार्य जारी

मंगलवार को हुई बारिश के बाद प्रदेश के विभिन्न पर्वतीय क्षेत्रों में मलबा और चट्टानें गिरने से 32 सड़कें बंद हो गईं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार संबंधित विभागों की टीमें सड़कें खोलने में जुटी हुई हैं। वहीं तराई क्षेत्र में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। पंतनगर में सर्वाधिक 107 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

अगले तीन दिन का मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 9 जुलाई को अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई स्थानों पर भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की आशंका बनी रहेगी।

10 जुलाई को कुमाऊं मंडल के अधिकांश क्षेत्रों तथा गढ़वाल मंडल के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

11 जुलाई को भी प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मौसम विभाग का कहना है कि 13 जुलाई तक प्रदेश में मानसून सक्रिय बना रहेगा। ऐसे में विशेष रूप से संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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