रामनगर – नैनीताल जिले के रामनगर निवासी कैप्टन अजय पंत, जो वर्तमान में ब्रिटेन की विनचेस्टर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं, को भारतीय उच्चायोग, लंदन की ओर से लगातार कांसुलर सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस संबंध में भारतीय उच्चायोग ने सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट को आधिकारिक पत्र भेजकर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी है।
भारतीय उच्चायोग के अनुसार कैप्टन अजय पंत से नियमित संपर्क बनाए रखा गया है। उन्होंने स्वयं को सामान्य रूप से स्वस्थ बताया है। उच्चायोग उनकी पत्नी, कानूनी प्रतिनिधियों, नियोक्ता तथा ब्रिटिश अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किए हुए है। साथ ही ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय से भी कैप्टन अजय पंत के अधिकारों की रक्षा एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है।


गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व कैप्टन अजय पंत की पत्नी ने सांसद अजय भट्ट से मुलाकात कर अपने पति की रिहाई एवं आवश्यक सहायता दिलाने की मांग की थी। इसके बाद सांसद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय उच्चायोग से संपर्क किया, जिसके जवाब में उच्चायोग ने विस्तृत जानकारी साझा की है।
क्या है पूरा मामला
38 वर्षीय कैप्टन अजय पंत अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकर एमवी स्मिर्टोस (MV Smyrtos) के कप्तान हैं। यह जहाज 4 जून को रूस के उस्त-लूगा बंदरगाह से लगभग 1.01 लाख टन उराल क्रूड ऑयल लेकर गुजरात के सिक्का पोर्ट के लिए रवाना हुआ था।
14 जून को इंग्लिश चैनल में ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) और रॉयल मरीन कमांडो ने हेलीकॉप्टर के माध्यम से जहाज पर कार्रवाई कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। जांच एजेंसी का आरोप है कि जहाज कथित रूप से रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था, जिसका उपयोग पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल के परिवहन के लिए किया जा रहा था।
ब्रिटिश अधिकारियों ने कैप्टन अजय पंत के खिलाफ Russia (Sanctions) Regulations 2019 के कथित उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। फिलहाल वह ब्रिटेन की विनचेस्टर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।
भारतीय उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि कैप्टन अजय पंत तथा उनके परिवार को आवश्यक कांसुलर सहायता और हरसंभव सहयोग आगे भी निरंतर उपलब्ध कराया जाता रहेगा।

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