हल्द्वानी – प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को हल्द्वानी स्थित सर्किट हाउस में उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने नई मंडी नौगांव (उत्तरकाशी) के क्रियान्वयन समेत मंडी बोर्ड की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान मंत्री ने ई-नाम प्रणाली, मंडियों की वित्तीय स्थिति, मुख्यमंत्री घोषणाओं, कृषि उत्पादन क्षति सहायता योजना, किसानों की दुर्घटना सहायता योजना, कृषकों के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना, नाबार्ड पोषित योजनाओं तथा मंगलौर और विकासनगर में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज के निर्माण की प्रगति की समीक्षा की।


अधिकारियों ने बताया कि मंडी बोर्ड की आय के लिए 175 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पर कृषि मंत्री ने अधिकारियों को लक्ष्य प्राप्त करने के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।
स्वीकृत बजट का समय पर हो शत-प्रतिशत उपयोग
गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। किसानों के हितों से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन और किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मंडी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ई-नाम और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं का विस्तार किसानों के लिए उपयोगी साबित होगा।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मंडी बोर्ड की योजनाओं का प्रभाव सीधे किसानों तक दिखाई देना चाहिए और कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मंडी परिषद हेमंत कुमार वर्मा, वित्त नियंत्रक जुबक मोहन सक्सेना, महाप्रबंधक तकनीकी विजय कुमार, विपणन अधिकारी प्रवीण शर्मा समेत मंडी परिषद के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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