उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में दहशत का पर्याय बने गुलदारों पर वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में फैले आतंक को खत्म करने के लिए लगाए गए पिंजरों में एक और खूंखार गुलदार कैद हो गया है। यह गुलदार ओखलकांडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत चमोली में लगाए गए पिंजरे में पकड़ा गया, जिसके बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली।
नैनीताल जिले के पहाड़ी इलाकों में बीते कुछ समय से गुलदारों के हमलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी थी। महिलाएं जब जंगल में मवेशियों के लिए चारा काटने या चूल्हे के लिए लकड़ी लेने जाती थीं, तभी गुलदार घात लगाकर हमला कर रहे थे। इन हमलों में अब तक तीन महिलाओं की जान जा चुकी है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया था।


ग्रामीणों के विरोध और आंदोलन के बाद वन विभाग हरकत में आया और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। विभाग की ओर से 10 पिंजरे लगाए गए, साथ ही 50 से अधिक कैमरा ट्रैप विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए गए, ताकि गुलदारों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इस अभियान के तहत पहले ही अलग-अलग क्षेत्रों से तीन गुलदार पकड़े जा चुके थे, जबकि आज इस इलाके का चौथा गुलदार भी पिंजरे में कैद हुआ है।
आज सुबह गुलदार के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पिंजरे में कैद गुलदार की खतरनाक दहाड़ ने उसकी आक्रामकता को साफ दिखा दिया। इसके बाद टीम ने गुलदार को सुरक्षित तरीके से रानीबाग रेस्क्यू सेंटर ले जाने की तैयारी शुरू कर दी।
पिछले हमलों की बात करें तो 26 दिसंबर को धारी क्षेत्र के दीनी तल्ली गांव में गुलदार ने हेमा बरगली पर हमला कर उनकी जान ले ली थी। इसके बाद 30 दिसंबर को खन्स्यु क्षेत्र के चमोली गांव में चारा और लकड़ी लेने गई एक महिला को गुलदार ने अपना शिकार बना लिया। वहीं 11 जनवरी को नैनीताल के धारी ब्लॉक में एक अन्य महिला पर हमला कर गुलदार उसे जंगल में घसीटते हुए ले गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस पूरे मामले पर डीएफओ नैनीताल आकाश गंगवार ने जानकारी देते हुए बताया कि ओखलकांडा की ग्राम पंचायत चमोली के समीप लगाए गए पिंजरे में एक और गुलदार कैद हुआ है। उन्होंने कहा कि पकड़े गए गुलदार को रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर ले जाया जाएगा और मृतकों से मिलान के लिए इसके सैंपल भेजे जाएंगे। डीएफओ ने यह भी स्पष्ट किया कि चौथा गुलदार पकड़े जाने के बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में गश्त और निगरानी लगातार जारी रहेगी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
वन विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में कुछ हद तक राहत जरूर मिली है, लेकिन क्षेत्र में पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित होने तक सतर्कता और निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है।

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