Breaking News

उच्च शिक्षा मंत्री ने किया मेरु परिसर निर्माण कार्य का शुभारंभ, आधुनिक शोध केंद्र होंगे स्थापित

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

नैनीताल – भारत सरकार की पीएम ऊषा मेरु योजना के अंतर्गत कुमाऊं विश्वविद्यालय के नए मेरु परिसर के निर्माण कार्य का सोमवार को पटवाडांगर में शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिलान्यास करते हुए कहा कि यह परिसर राज्य में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।

कार्यक्रम उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद के सभागार में आयोजित किया गया, जहां उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित मेरु परिसर शिक्षा के साथ-साथ जैव प्रौद्योगिकी, आयुष, स्टार्टअप, आधुनिक विज्ञान और शोध गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि हिमालयी औषधीय पौधों और वेलनेस लाइफस्टाइल पर होने वाला शोध स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बढ़ावा देगा।

उन्होंने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों को केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें नवाचार, स्वरोजगार और बहुविषयी शिक्षा एवं शोध के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर मंत्री द्वारा परिसर में विकसित उद्यान का लोकार्पण भी किया गया। विधायक सरिता आर्या ने विश्वविद्यालय परिसर के विकास के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। वहीं पूर्व सांसद महेंद्र पाल ने कुमाऊं विश्वविद्यालय के इतिहास का उल्लेख करते हुए नए परिसर निर्माण को महत्वपूर्ण कदम बताया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीवान सिंह रावत ने बताया कि प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम ऊषा) के तहत देशभर के 26 विश्वविद्यालयों को 100-100 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया गया है, जिसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय भी शामिल है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को पटवाडांगर में लगभग 26.4 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है, जहां प्रथम चरण में दो अकादमिक ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास, सेंटर फॉर एडवांस कम्प्यूटिंग, हिमालयी औषधीय पौधों एवं वेलनेस लाइफस्टाइल केंद्र, बायोमेडिकल साइंस एवं नैनोटेक्नोलॉजी केंद्र सहित कई आधुनिक शोध एवं शिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

और पढ़ें

error: Content is protected !!