नैनीताल- स्वर्ण- जयन्ती ,कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के एवं श्रीमद्भगवद्गीता जयन्ती के उपलक्ष्य में निबन्ध प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषणप्र तियोगिता और श्लोकोच्चरणप्र तियोगिता सम्पन्न की गयी। निबन्ध का शीर्षक ” श्रीमद्भगवद्गीता की वर्तमान सन्दर्भ में उपयोगिता” जिसमें चार विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। पोस्टर प्रतियोगिता में – तीन प्रतिभागियों ने , भाषण – श्रीमद्भगवद्गीता का विद्यार्थियों के लिए महत्त्व” विषय पर चार प्रतिभागियों ने एवं “गीताश्लोकोचारण” प्रतियोगिता में चार प्रतिभागियों ने भाग लिया।
निर्णायक मण्डल में डा०सीमा चौहान, अध्यक्ष योगविभाग,कु०वि०वि०नैनीताल, डा०नीता आर्या, संस्कृतविभाग ,कु०वि०वि०नैनीताल रहे। परिणाम एवं पुरस्कार २२दिसम्बर२०२३को प्रातः ११:३० बजे से ओल्ड-आर्ट्स सेमिनार हॉल में गीताजयन्ती व्याख्यान के समय विद्वानों द्वारा ससम्मान दिया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यातिथि डॉ ०सीमा चौहान ने श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन की प्रासंगिकता बतायी एवं योग का अर्थस्पष्ट करते हुए आत्मकेंद्रित होने के लिए गीता अध्ययन का लाभ बताया।


शोधच्छात्रा भावना काण्डपाल द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के अध्ययन की आवश्यकता पर संक्षिप्त विचार रखे। इस अवसर पर डॉ ०प्रदीपकुमार, डॉ ०सुषमा जोशी, श्रीमती भावना राणा, श्री बी०एस०बिष्ट ,निकिता जोशी, बीना बिष्ट, दीक्षा, सुषमा, संजना, कविता, मोहित पाण्डे, कंचन, हर्षित जोशी, हिमांशु मिश्रा, चित्रेश चिलवाल, कंचना महराज, पवन, अमर जोशी, रिया, संजय,तनुजा, विशाल , भावना, आदि लगभग ५० विद्यार्थी उपस्थित रहे। संचालन बी०ए०तृतीय सेमेस्टर की छात्रा सुषमा नेगी ने किया। आगन्तुकअतिथियों , विभागीय प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों का स्वागत और धन्यवाद प्रो०जया तिवारी विभागाध्यक्ष संस्कृत द्वारा किया गया।

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