Breaking News

गांव-गांव पहुंची उद्यमशाला योजना की आईईसी वैन, छह ग्राम पंचायतों में 105 ग्रामीणों को उद्यमिता का पाठ नैनीताल में SIR-2026 की बड़ी प्रगति, 2.34 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस तामील; 1.80 लाख मामलों की सुनवाई पूरी रक्षाबंधन से पहले कालाढूंगी में मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग का शिकंजा, पनीर और पेय पदार्थों समेत तीन नमूने जांच को भेजे रक्षाबंधन-जन्माष्टमी से पहले मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, हल्द्वानी में पनीर और मिठाइयों के नमूने लिए उपकारागार के बाहर संदिग्ध वरना कार की तलाशी में मिला तमंचा, एक जिंदा कारतूस बरामद, आरोपी दबोचा त्योहारों पर अमन-चैन कायम रखने को पुलिस की तैयारी तेज, एएसपी अमित कुमार सैनी ने पीस कमेटी संग की बैठक

दिल्ली मार्ग से निगम की BS-4 बसें हटाने का आदेश बना विवाद, कर्मचारी परिषद ने प्रबंधन पर अनुबंधित बस मालिकों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप….

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

हल्द्वानी। उत्तराखंड परिवहन निगम मुख्यालय द्वारा 27 जून 2026 को जारी एक आदेश के बाद रोडवेज में नया विवाद खड़ा हो गया है। महाप्रबंधक (संचालन) की ओर से जारी आदेश में निगम द्वारा संचालित अनुबंधित सीएनजी बसों के संचालन को लेकर कई निर्देश दिए गए हैं। इनमें दिल्ली मार्ग पर संचालित निगम की BS-4 बसों को हटाकर अन्य वैकल्पिक मार्गों पर संचालित करने तथा आवश्यकतानुसार सीएनजी बसों की री-शेड्यूलिंग करने के निर्देश शामिल हैं।

आदेश में कहा गया है कि 4 जून 2026 को अनुबंधित बस स्वामी संघ के साथ हुई वार्ता के बाद निगम को होने वाली हानि रोकने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। साथ ही कम यात्री संख्या वाले मार्गों पर सीएनजी बसें नहीं चलाने, उनकी आय की नियमित समीक्षा करने तथा कम आय वाले मार्गों पर संचालन में बदलाव करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा डिपो स्तर पर अनुबंधित बस स्वामियों के साथ नियमित बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान करने को भी कहा गया है।

इधर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने इस आदेश का कड़ा विरोध किया है। परिषद का आरोप है कि निगम प्रबंधन अनुबंधित बस मालिकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निगम की नियमित BS-4 बसों को दिल्ली मार्ग से हटा रहा है, जबकि दिल्ली सरकार की ओर से अब तक ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है, जिसमें BS-4 बसों के दिल्ली में संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया हो।

परिषद का कहना है कि बिना किसी वैधानिक आदेश के निगम की बसों को लाभदायक दिल्ली मार्ग से हटाना निगम के आर्थिक हितों और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। इससे निगम की आय प्रभावित होगी और अनुबंधित बस संचालकों को सीधा लाभ मिलेगा।

कर्मचारी संयुक्त परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि निगम प्रबंधन ने यह निर्णय तत्काल वापस लेकर दिल्ली मार्ग पर निगम की BS-4 बसों का संचालन बहाल नहीं किया, तो परिषद प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। परिषद ने कहा कि आंदोलन से उत्पन्न होने वाली स्थिति की पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होगी।

और पढ़ें

error: Content is protected !!