काशीपुर-(सुनील शर्मा) काशीपुर में बीती 2 अप्रैल से काशीपुर में शुरू हुए चैती मेले को लेकर स्थानीय प्रशासन जहां पूरी तरह से मेरा निर्विघ्न रुप से संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। तो वही अग्निशमन विभाग ने भी मेला में किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से कमर कस ली है। आपको बताते चलें कि प्रतिवर्ष काशीपुर में पहले नवरात्रि पर ध्वजारोहण के साथ चैती मेले के उद्घाटन के साथ ही धीरे-धीरे मेला अपना परवान चढ़ने लगता है। तो सप्तमी तथा अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि में मां बाल सुंदरी देवी का डोला काशीपुर नगर मंदिर से चैती मंदिर में पहुंचने के साथ ही मेला अपने शबाब पर पहुंच जाता है।
इस दौरान 1 माह तक चलने वाले चैती मेले में झूले, खेल तमाशे, खेल खिलौने की दुकानों इत्यादि से लेकर घरेलू उपयोग के साथ-साथ खाने पीने की दुकान लगी हुई हैं। सभी दुकानों में बिजली आदि की व्यवस्था रहती है ।तो चाट पकौड़ी और खाने पीने की दुकानों और होटल आदि में गैस सिलेंडर का उपयोग होता है। ऐसे में आग लगने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसको लेकर हर वर्ष की तरह एक बार फिर काशीपुर का अग्निशमन विभाग पूरी तरह से कमर कसते हुए मुस्तैद दिख रही है।


काशीपुर के अग्निशमन अधिकारी वंश नारायण यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया हैं। कि चैती मेले को देखते हुए एक फायर टेंडर मय स्टाफ के चैती मेले में तैनात कर दिया गया है जोकि 24 घंटे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेगा। वही गेहूं की कटाई के सीजन को देखते हुए उन्होंने किसान भाइयों से अपील करते हुए कहा कि वह गेहूं की कटाई पर सावधानी बरतें तथा अपने गेहूं की कटाई के बाद गेहूं के बचे अवशेष में आग ना लगाएं क्योंकि ऐसा करने से आसपास की फसल में तुरंत आग पकड़ जाती है। जब सबकी फसल कट कर घर में चली जाए उसके बाद ही उसमें आग लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्टाफ में काफी कमी है।
फायरमैन के 26 पदों में से सिर्फ 15 पद ही भरे हुए हैं जबकि 11 पद अभी भी खाली हैं लेकिन फिर भी हम अपने इन संसाधनों के दम पर जनता की आग से सुरक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि आग लगने की आपात स्थिति में फिलहाल विभाग के पास पर्याप्त गाड़ियां मौजूद हैं लेकिन कभी विषम परिस्थिति में अगर जरूरत पड़ जाती है तो उनके द्वारा निजी फैक्ट्रियों से दमकल की गाड़ियों की मदद ले ली जाती है। उन्होंने चैती मेले में आए दुकानदारों से मीडिया के माध्यम से तथा स्वयं भी मौके पर जाकर सभी दुकानदारों से अपनी दुकानों में पेट्रोमैक्स वाले सिलेंडरों का उपयोग न करने की सलाह दी उन्होंने कहा कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले छोटे सिलेंडर फ़टते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर चैती मेले में कोई दुकानदार पेट्रोमैक्स सिलेंडर का उपयोग करते हुए पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने चैती मेले में आये दुकानदारों से अपनी दुकानों में आग बुझाने के छोटे सिलेंडर रखने, रेत की बाल्टी तथा पानी के टैंक रखने की अपील की, जिससे कि आग लगने की स्थिति में दमकल की गाड़ी पहुंचने तक आग बुझाने के प्रयास किए जा सके क्योंकि मेले में भीड़ के चलते अग्निशमन की गाड़ी पहुंचने में समय लग सकता है।

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