नैनीताल – साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नैनीताल पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में पुलिस टीमों ने मुखानी, लालकुआं, काठगोदाम और हल्द्वानी क्षेत्र के साथ ही तल्लीताल के पंत पार्क में आयोजित रामलीला के दौरान स्थानीय लोगों, स्कूली छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी।
‘Cyber Saathi – A Joint Awareness Initiative’ अभियान के अंतर्गत साइबर क्राइम सेल नैनीताल और संबंधित थाना प्रभारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन ठगी के बदलते तरीकों, साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली और अपनी व्यक्तिगत व बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखने के उपायों के बारे में बताया गया।

जागरूकता अभियान के दौरान फर्जी ऑनलाइन जॉब ऑफर और पार्ट-टाइम नौकरी के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर धोखाधड़ी, ऑनलाइन गेमिंग और रिवार्ड स्कैम तथा फर्जी निवेश एवं ट्रेडिंग योजनाओं के प्रति लोगों को सचेत किया गया। इसके अलावा यूपीआई और क्यूआर कोड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी, फिशिंग लिंक, संदिग्ध वेबसाइट और ऐप के खतरों के बारे में भी जानकारी दी गई।
पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी अक्सर लोगों के विश्वास, लालच, भय और जल्दबाजी का फायदा उठाकर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे में किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध संदेश, लिंक, क्यूआर कोड या आकर्षक ऑनलाइन ऑफर पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा नहीं करना चाहिए। लोगों को अपना ओटीपी, एटीएम या बैंकिंग पिन, सीवीवी और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक करने और अविश्वसनीय स्रोतों से ऐप डाउनलोड करने से बचने की अपील की गई।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
नैनीताल पुलिस ने आमजन से अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल National Cyber Crime Reporting Portal (cybercrime.gov.in) के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है।
पुलिस ने कहा कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतना और समय रहते शिकायत करना साइबर अपराध से होने वाले नुकसान को कम करने में मददगार हो सकता है। अभियान का उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना है।











