राष्ट्रीय हिंदी दिवस: 14 सितंबर को क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस? जानिए इतिहास

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

हिंदी दिवस 2026 – हर साल 14 सितंबर को देशभर में राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाया जाता है। यह दिन हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, उसके प्रचार-प्रसार और दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। हिंदी भारत की प्रमुख भाषाओं में शामिल है और देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में लोग इसका प्रयोग करते हैं।

14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस?

हिंदी दिवस मनाने की वजह भारतीय संविधान से जुड़ी हुई है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की याद में हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।

देश में हिंदी दिवस मनाने की आधिकारिक शुरुआत 14 सितंबर 1953 से मानी जाती है। इसके बाद हर साल इस दिन हिंदी के प्रचार-प्रसार और इसके प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने लगे।

साल में दो बार क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस?

भारत में हिंदी से जुड़े दो महत्वपूर्ण दिवस मनाए जाते हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य और संदर्भ अलग है।

राष्ट्रीय हिंदी दिवस – 14 सितंबर:
14 सितंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किए जाने की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य देश में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और प्रशासन, शिक्षा तथा सार्वजनिक जीवन में इसके महत्व को रेखांकित करना है।

विश्व हिंदी दिवस – 10 जनवरी:
10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसका संबंध 1975 में नागपुर में आयोजित प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन से है। विश्व स्तर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार और इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है।

हिंदी दिवस का क्या है उद्देश्य?

हिंदी दिवस का उद्देश्य केवल हिंदी भाषा का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि इसके संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रयोग को प्रोत्साहित करना भी है। प्रशासनिक कार्यों, शिक्षा, तकनीक और डिजिटल माध्यमों में हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना भी इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य है।

डिजिटल दौर में अंग्रेजी सहित दूसरी भाषाओं का प्रभाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में हिंदी दिवस हमें अपनी भाषाई और साहित्यिक विरासत से जुड़े रहने का संदेश देता है। हिंदी देश के अलग-अलग क्षेत्रों और संस्कृतियों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

हिंदी के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतेंदु हरिश्चंद्र ने लिखा था—

“निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिनु निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल॥”

हिंदी दिवस हमें अपनी भाषा के प्रति सम्मान के साथ-साथ उसके सही और अधिक व्यापक प्रयोग का संकल्प लेने का अवसर देता है।

और पढ़ें

error: Content is protected !!