लालकुआं – वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में जनपदभर में चलाए जा रहे नशा उन्मूलन अभियान के तहत लालकुआं पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को 219 पाउच अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पूछताछ के आधार पर गिरोह के दो कथित सरगनाओं के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार जनपद में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल एवं अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लालकुआं अमित कुमार सैनी के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक लालकुआं बृजमोहन सिंह राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।


2 जुलाई 2026 को चौकी बिंदुखत्ता पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग, गश्त और शांति व्यवस्था ड्यूटी पर थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बिंदुखत्ता क्षेत्र स्थित 2 किलोमीटर ग्राउंड के पास एक ठिकाने पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अमित राय को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से दो प्लास्टिक के कट्टों में छिपाकर रखे गए 219 पाउच अवैध कच्ची शराब बरामद किए गए।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान अमित राय पुत्र अनिल राय, निवासी वीआईपी गेट, लालकुआं, जनपद नैनीताल के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। उसने बताया कि वह सचिन कठैत और चंदन टाकुली, दोनों निवासी बिंदुखत्ता, के लिए काम करता था। आरोप है कि सचिन कठैत ने उसे रहने और अवैध शराब रखने के लिए किराए का कमरा उपलब्ध कराया था, जबकि दोनों मिलकर उससे शराब की बिक्री और तस्करी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मुख्य अभियुक्त अमित राय के साथ-साथ गिरोह के कथित सरगना सचिन कठैत एवं चंदन टाकुली के खिलाफ कोतवाली लालकुआं में एफआईआर संख्या 101/2026 के तहत धारा 60 एवं 69(बी) आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक गौरव जोशी (चौकी प्रभारी, बिंदुखत्ता), कांस्टेबल वीरेन्द्र सिंह एवं कांस्टेबल दयाल नाथ शामिल रहे।

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