सितारगंज – सितारगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया।
जानकारी के अनुसार ग्राम गोठा निवासी आरती पत्नी सिकंदर को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। अस्पताल में आरती ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद समय पर उचित उपचार नहीं मिला और बाद में महिला को निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।


बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात करीब दो बजे महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिजन अस्पताल में हंगामा करने लगे और चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना था कि यदि समय पर सही उपचार मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।
मामले को लेकर पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नवतेज पाल ने भी अस्पताल व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में लगातार लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता है।
वहीं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति को तीन दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं तथा जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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