शारदा कॉरिडोर बनेगा उत्तराखंड का नया पर्यटन हब, रिवर राफ्टिंग से हेलीपोर्ट तक कई परियोजनाएं

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टनकपुर – कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को शारदा कॉरिडोर विकास परियोजना की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना के विभिन्न चरणों की प्रगति का आकलन करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने परियोजना के तहत लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के समग्र एवं सतत विकास की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।

बैठक में बताया गया कि शारदा कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य टनकपुर एवं आसपास के क्षेत्रों को धार्मिक, सांस्कृतिक, पर्यटन, पर्यावरणीय और आर्थिक दृष्टि से विकसित कर विश्वस्तरीय पर्यटन एवं तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत शारदा नदी तट के पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, धार्मिक स्थलों के विकास, ईको-टूरिज्म, एडवेंचर एवं वाटर स्पोर्ट्स, डेस्टिनेशन वेडिंग, आधुनिक शहरी अवसंरचना, सड़क एवं ड्रेनेज नेटवर्क के उन्नयन, आपदा न्यूनीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, हेलीपोर्ट, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा फॉरेस्ट इंटरप्रिटेशन सेंटर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक में शारदा घाट पुनर्विकास (फेज-1 एवं फेज-2), किरोड़ा नाला इकोलॉजिकल कॉरिडोर, सिटी ड्रेनेज प्लान, राणाकोची मंदिर विकास, एनएच-09 स्ट्रीटस्केपिंग, मल्टीलेवल कार पार्किंग, श्रद्धा पथ, इंटीग्रेटेड वाटर स्पोर्ट्स सर्किट और अन्य परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, लंबित स्वीकृतियों एवं विभागीय समन्वय की समीक्षा की गई। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में जानकारी दी गई कि टनकपुर में लगभग पांच हेक्टेयर भूमि पर बायोडायवर्सिटी सेंटर विकसित किया जाएगा। वहीं पूर्णागिरि क्षेत्र में करीब 51.10 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस पार्किंग में लगभग 250 चारपहिया वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था होगी, साथ ही इसमें व्यावसायिक भवन एवं दुकानों के निर्माण का भी प्रस्ताव है।

परियोजना के अंतर्गत बनबसा में आधुनिक हेलीपोर्ट विकसित किया जाएगा, जबकि शारदा नदी में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से चूका से बूम रेंज तक 22 किलोमीटर लंबे रिवर राफ्टिंग कॉरिडोर का विकास किया जाएगा।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शारदा कॉरिडोर परियोजना से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा आधुनिक एवं पर्यावरण-अनुकूल आधारभूत ढांचे का विकास होगा।

बैठक में Egis India Consulting Engineers Pvt. Ltd. की ओर से सत्यजीत रॉय गुप्ता, आर.के. यादव एवं शशांक सिंह, UPDDCC के महाप्रबंधक एम.के. सिंह, उप महाप्रबंधक पी.एन. राय, परियोजना प्रबंधक मयंक मित्तल एवं अमित बंसल उपस्थित रहे। शारदा कॉरिडोर के एसपीओसी राजीव रंजन भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

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