हल्द्वानी – मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने शनिवार को विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय पटलों और कार्यालयों का निरीक्षण कर पत्रावलियों एवं कार्यप्रणाली की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई पत्रावलियों के लंबे समय तक लंबित पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण में पाया गया कि एक अप्रैल और सात अप्रैल को जारी कुछ पत्र, जिन्हें कम दूरी पर स्थित कार्यालयों तक पहुंचना था, वे अब तक संबंधित स्थानों तक नहीं पहुंच सके। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया।


उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पटल पर पत्रावली अधिकतम 24 से 48 घंटे तक ही रोकी जाए और वह भी उचित कारण के साथ। अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित पटल सहायक और अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों को डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी 20 मई से सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से कार्य किया जाएगा। यदि इसके अनुपालन में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्यालय पत्रावलियां ई-ऑफिस प्रणाली से ही संचालित की जाएं तथा उच्चाधिकारियों को भेजी जाने वाली पत्रावलियों का पूरा अध्ययन कर आवश्यक टिप्पणी और मंतव्य अंकित करने के बाद ही अग्रेषित किया जाए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विकास अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का भी निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों को समयबद्ध कार्य निष्पादन और जनहित के मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देनी होगी।

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