पंतनगर – गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में शनिवार को 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित साहित्य का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता और देश के असली नायक हैं। किसानों की मेहनत और समर्पण से ही देश को अन्न मिलता है और राष्ट्र की प्रगति संभव होती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।


उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय में आयोजित कृषि मेले किसानों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें नई कृषि तकनीकों, नवाचारों और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है। इससे किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी मिलती है और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलती है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 10 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिल रहा है। प्रदेश में भी 9 लाख से अधिक किसान इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से घेरबाड़ के लिए 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। इसके साथ ही किसानों को फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, किसान मानधन योजना, बागवानी विकास योजना, कृषि यंत्र अनुदान योजना और बूंद-बूंद सिंचाई योजना जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और अब तक 115 करोड़ रुपये की लागत से 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही राज्य में सात एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं और ड्रैगन फ्रूट की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में नई सेब नीति लागू की गई है, जिस पर लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कई योजनाओं में किसानों को 80 प्रतिशत तक राज्य सहायता भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फलों के उत्पादन में करीब ढाई प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मशरूम उत्पादन 27 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है और इस क्षेत्र में उत्तराखंड देश में पांचवें स्थान पर आ गया है। वहीं शहद उत्पादन में भी राज्य ने प्रगति की है और करीब 3300 मीट्रिक टन शहद उत्पादन के साथ उत्तराखंड देश में आठवें स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने किसानों से नई कृषि तकनीकों को अपनाने और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है।
इस अवसर पर पंतनगर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि कृषि मेले में 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 20 हजार लोग मेले में भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक तिलकराज बेहड़, मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, फरजाना बेगम, पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

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