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हल्द्वानी में आवारा कुत्तों का आतंक: कैनाइन डिस्टेंपर से ग्रस्त कुत्ते ने दरोगा समेत आठ लोगों को काटा

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हल्द्वानी- हल्द्वानी शहर में आवारा कुत्तों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। काठगोदाम क्षेत्र में एक बीमार कुत्ते ने ट्रैफिक दरोगा सहित आठ लोगों को काट लिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद कुत्ते को पकड़कर एबीसी सेंटर भेजा गया, जहां अगले दिन उसकी मौत हो गई। जांच में पुष्टि हुई कि वह कैनाइन डिस्टेंपर नामक वायरल बीमारी से संक्रमित था। बृहस्पतिवार शाम नरीमन तिराहे पर चेकिंग कर रहे सहायक यातायात उपनिरीक्षक प्रदीप राणा को कुत्ते ने पीछे से काट लिया। उन्हें तुरंत बेस अस्पताल ले जाकर उपचार कराया गया और एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया गया। इसी तरह काठगोदाम रेलवे स्टेशन चौराहे के पास एक महिला को भी कुत्ते ने काट लिया, जब वह बच्चों को स्कूल से लेकर लौट रही थी।

शहर में डॉग बाइट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बेस अस्पताल के अनुसार बीते दो दिनों में 278 लोगों ने एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाया। इससे पहले भी मल्ली बमौरी और पॉलीशीट क्षेत्र में इसी बीमारी से ग्रस्त कुत्ते ने 25 लोगों को घायल किया था। नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में करीब 32 हजार आवारा कुत्ते हैं और पिछले 11 महीनों में 12 हजार से अधिक डॉग बाइट के मामले सामने आ चुके हैं। पालतू कुत्तों का भी खतरा बना हुआ है क्योंकि बड़ी संख्या में मालिक उनका पंजीकरण नहीं कराते और उन्हें खुला छोड़ देते हैं।

फिलहाल शहर में आवारा कुत्तों को रखने के लिए डॉग शेल्टर नहीं है, हालांकि 200 कुत्तों की क्षमता वाला शेल्टर बनाने की योजना भेजी गई है। टनकपुर रोड स्थित एबीसी सेंटर में अब तक 20 हजार से अधिक कुत्तों का बधियाकरण किया जा चुका है। विशेषज्ञों के अनुसार कैनाइन डिस्टेंपर जानवरों में फैलने वाली बीमारी है, जो मनुष्यों में सीधे नहीं फैलती, फिर भी कुत्ते के काटने पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और काटने की स्थिति में तुरंत उपचार कराने की अपील की है।

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