इश्क की आग में खून की साजिश: भाभी–देवर के नाजायज़ रिश्ते ने ली भाई की जान, ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा…….

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अलीगढ़- अलीगढ़ के हरदुआगंज थाना क्षेत्र से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। प्यार की आड़ में रची गई एक खौफनाक साजिश ने एक युवक की जान ले ली। पुलिस ने इस सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और उसके सगे भाई को गिरफ्तार कर लिया है।

संदिग्ध मौत से खुला राज

12 अगस्त 2025 को ग्राम दीनदयालपुर निवासी सचिन पुत्र स्व. विजेन्द्र पाल सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही हरदुआगंज पुलिस और फील्ड यूनिट मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटना सामने आते ही मामला पूरी तरह पलट गया। पुलिस ने इसे सामान्य मौत मानने से इनकार करते हुए गहन जांच शुरू की।

अवैध रिश्तों की खतरनाक कहानी

गांव में गोपनीय पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला सच सामने आया। मृतक सचिन और उसकी पत्नी मधु के बीच लंबे समय से पारिवारिक कलह चल रही थी। इसी दौरान सचिन के छोटे भाई धर्मेन्द्र प्रताप सिंह और भाभी मधु के बीच नाजायज़ संबंध बन गए। इस रिश्ते को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर सचिन की हत्या की साजिश रच डाली।

घर में ही रचा गया कत्ल का

पुलिस के अनुसार पत्नी और देवर ने मिलकर सचिन का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और मामले को सामान्य मौत दिखाने की कोशिश की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उनकी साजिश बेनकाब कर दी

मुकदमा दर्ज, आरोपी सलाखों के पीछे

चौकी प्रभारी बुढ़ासी अजहर हसन की तहरीर पर थाना हरदुआगंज में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों—धर्मेन्द्र प्रताप सिंह और मधु—को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पुलिस टीम की मुस्तैदी से खुला ब्लाइंड मर्डर

इस जटिल मामले के खुलासे में थानाध्यक्ष कुलवीर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। टीम में वरिष्ठ उप निरीक्षक उपेन्द्र सिंह मलिक, उप निरीक्षक अजहर हसन, उप निरीक्षक जितेन्द्र पराशर, कांस्टेबल मुनेन्द्र कुमार, विपिन कुमार और महिला कांस्टेबल शालू पंवार शामिल

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