रुद्रपुर – देशभर में मनाए जा रहे ‘अखिल भारतीय मज़दूर अधिकार दिवस’ के तहत शनिवार को रुद्रपुर के गांधी पार्क में मजदूर संगठनों ने विशाल सभा और रैली का आयोजन किया। यह आयोजन मज़दूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) के आह्वान पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मजदूरों, महिला श्रमिकों और संगठनों ने भागीदारी की। सभा के दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को मजदूर-विरोधी बताते हुए इन्हें तत्काल रद्द करने, निजीकरण पर रोक लगाने, मजदूरों पर हो रहे दमन को समाप्त करने और मजदूर अधिकारों की बहाली की मांग की।
मासा, सेंटर फॉर स्ट्रगलिंग ट्रेड यूनियंस (CSTU) और इंकलाबी मजदूर केंद्र (IMK) से जुड़े नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई चार श्रम संहिताएँ मजदूर वर्ग पर सबसे बड़ा हमला हैं। उन्होंने कहा कि आज जबकि कॉर्पोरेट पूंजीपतियों के मुनाफे बढ़ रहे हैं, वहीं आम मजदूरों की नौकरियां घट रही हैं, सामाजिक सुरक्षा कमजोर हो रही है, और मजदूरी घटती जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक संपत्तियों का तेजी से निजीकरण कर रही है, जिससे मेहनतकश वर्ग हाशिए पर जा रहा है।


सभा के दौरान मजदूर नेताओं ने यह भी कहा कि देश में सांप्रदायिक विभाजन और पूंजीवाद के गठजोड़ ने मजदूरों को कमजोर करने का काम किया है। ऐसे समय में मजदूर वर्ग को एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को तेज़ करना होगा। प्रदर्शन के अंत में 12 सूत्रीय केंद्रीय मांगों का ज्ञापन राष्ट्रपति को और 17 सूत्रीय राज्य स्तरीय मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तराखंड को भेजा गया।
कार्यक्रम में CSTU के धीरज जोशी, IMK के रोहित, सुरेंद्र, मुकुल, मासा के कैलाश, श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी, रविंद्र पाल, जीवन लाल, अनूप सिंह रावत, विकल कुमार, बुद्ध सेन, हरपाल सिंह, हरेंद्र सिंह, कृष्ण नारायण झा, हिरदेश कुमार, डूंगर सिंह, सुरेश चंद्र पांडे, गंगा सिंह, गोविंद सिंह, रविंद्र कुमार, संजय नेगी, लोकेश पाठक, दलजीत सिंह, अभिलाख सिंह, रजनी जोशी, मनोज, शारदा, पीपी आर्य, गिरीश चंद्र आर्य, आसिफ, सुनीता, पीसी तिवारी, बाबूलाल और सुब्रत विश्वास समेत कई संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभा के बाद मजदूरों ने गांधी पार्क से मुख्य बाजार तक जुलूस निकाला और “मजदूर एकता जिंदाबाद, चार लेबर कोड रद्द करो, निजीकरण बंद करो” के नारे लगाए।

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