काशीपुर में दो दिन पूर्व बाल दिवस के मौके पर 8वीं कक्षा के छात्र की संदिग्ध मौत के बाद दो दिनों तक चले हंगामे के बाद कॉलेज प्रशासन ने दो दिन के शोक के चलते जहां स्कूल में अवकाश घोषित करते हुए शोक जताया है तो वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं होने से मोक्ष का 6 अलग अलग विसरा एकत्र कर जांच के लिए लैब में भेजे जाने की बात पुलिस ने कही है जिससे कि मृत्यु का कारण स्पष्ट हो सके। वहीं पुलिस ने मृतक छात्र के परिजनों की तहरीर अज्ञात स्कूल कर्मचारियों के खिलाफ धारा 302 का मुकदमा पंजीकृत कर दिया है।
कोतवाली प्रभारी मनोज रतूड़ी ने कहा कि बीते रोज मृतक छात्र मोक्ष के शव को हल्द्वानी में सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया गया हैं पोस्टमॉर्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने की वजह से फोरेंसिक लैब ने उसके विसरा को 6 अलग अलग भागों में सुरक्षित रखते हुए परीक्षण के लिए अलग अलग जगह लैबों में भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की शुरुआती जांच में म्रतक छात्र की किडनी में इन्फेक्शन आया है। वहीं आंख के पास चोट का निशान गिरने की वजह से बताया जा रहा है।
मृतक मोक्ष के परिजन की तहरीर के आधार पर अज्ञात स्कूल कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभियोग में जो भी तथ्य विवेचना में सामने आएंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी। वहीं काशीपुर के विद्वान अधिवक्ता अमरीश अग्रवाल ने कहा कि उनकी राय में पूरे मामले में आईपीसी की धारा 302 (इरादतन हत्या) के तहत न बनकर धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) का बनता है। बाकी पुलिस की जांच पर निर्भर है क्योंकि सभी तथ्य और सबूत पुलिस को ही एकत्र करने हैं।



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