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आपदा से निपटने के इंतजामों और अवैध निर्माण पर कुमाऊं कमिश्नर की नजर….

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हल्द्वानी-इन दिनों आसमान से बरस रही बारिश उत्तराखंड के 13 जिलों में आफत बनकर टूट रही है। बात अगर कुमाऊं के छह जिलों की करें तो यहां भी चुनौतियां कम नहीं हैं। चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में लगातार भूस्खलन होने और सड़कों पर मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध जैसी स्थिति बन जा रही है। वहीं नैनीताल, लालकुआं, उधमसिंह नगर में नदी नाले उफान पर हैं। ऐसे में आपदा की चुनौतियों से निपटने के लिए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत नजर बनाए हुए हैं।

 

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बताया कि भूस्खलन की वजह से बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत में सड़क अवरुद्ध होने जैसी स्थिति बन रही है लेकिन प्राथमिकता के आधार पर समय रहते मार्गों को खोलने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बरसात में नदी नाले उफान पर हैं ऐसे में कई लोग जान जोखिम में डालकर गाड़ियों से सफर कर रहे हैं जो खतरे को दावत देने जैसा है। ऐसे में जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है

 

कि उफान वाले नदी नालों पर संकेतक लगाकर लोगों को खतरे से आगाह किया जाए और मौके पर पुलिस बल की व्यवस्था कर निगरानी की जाए। वहीं अवैध निर्माण के सवाल पर कुमाऊं आयुक्त ने कहा कि ऐसा देखने में आ रहा है कि कई लोग अनुमति के बगैर अवैध निर्माण कर रहे हैं।

 

ऐसे में जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को ऐसे निर्माण कार्यों को चिह्नित करने के निर्दश दिए गए हैं। आयुक्त ने कहा कि अगर मौके पर नियम विरुद्ध निर्माण होता पाया गया तो दोषियों के खिलाफ नियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

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