हल्द्वानी। वक्त, हालात और दूरियां कब बदल जाए, इसका अंदाजा लगाना काफी मुश्किल है। ठीक इसी तरह से पांच साल कब गुजर गए और हम चुनाव की दहलीज पर आकर खड़े हो गए। राजनीति में यहां से वहां जाने और यहां से वहां जाने का दौर भी चला। वैसे भी राजनीति में दल बदलना अब एक सामान्य सी प्रक्रिया हो गई है। जब समय के साथ सबकुछ बदल सकता है तो राजनीति इससे अछूती कैसे रह सकती है। आज के दौर में जिस तरह का राजनैतिक घटनाक्रम चल रहा है, वह चिंताजनक तो है कि इसे स्वच्छ राजनीति तो कतई नहीं कहा जा सकता है।
हम जिस मुद्दे पर बात कर रहे हैं वह नैनीताल जिले की कालाढूंगी सीट है। 12 साल से कांग्रेस से टिकट मिलने की आस पाले महेश शर्मा की टीस अब जाकर दूर हुई। इस बार सब कुछ उनके मन मुताबिक हुआ। हालांकि पहली सूची जारी होने के बाद कालाढूंगी सीट पर डा. महेंद्र सिंह पाल को यहां से दावेदार घोषित कर दिया था। उनको दावेदार बनाए जाने से हर किसी को आश्चर्य भी हुआ कि जब पाल यहां से कभी चुनाव लड़े ही नहीं हो उन्हें प्रत्याशी क्यों बना दिया। यह क्षण वैसा ही था जैसा कि 2012 में हुआ था।
हमेश शर्मा की जगह टिकट कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रकाश जोशी को थमा दिया गया। महेश शर्मा की कांग्रेस संगठन में अच्छी पकड़ थी। तब के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य उनके करीबी थे, ऐसे में उनका टिकट कटना हर किसी को खल गया। उनका टिकट कटा तो यशपाल भी भावुक हो गए, लेकिन मामला हाईकमान से जुड़ा था, सो सबने चुप्पी साध् ली। टिकट कटने से नाराज महेश शर्मा निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए और सबको अपना दमखम भी दिखा दिया।
वक्त ने पिफर करवट ली और 2017 के विधनसभा चुनाव में भी महेश शर्मा को दरकिनार कर दिया गया। अब 2022 के चुनाव की तारीख आई तो उनके साथ पिफर 2012 का घटनाक्रम घट गया। टिकट महेश शर्मा को मिलना था लेकिन मिल गया डा. महेंद्र सिंह पाल को। महेश शर्मा का टिकट कटा तो खूब हो हल्ला मचा।


र्पाअी में हलचल मची तो पार्टी महेश शर्मा को नकार नहीं पाई और आखिर में उनका वनवास खत्म हुआ। महेश शर्मा क्षेत्रा में एक जाना पहचाना नाम और वह एक मजबूत जनाधर वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। आज महेश शर्मा उन्हीं प्रकाश जोशी से मिलने पहुंचे जिनकी वजह से 2012 में उनका टिकट कटा था। क्योंकि तब प्रकाश जोशी की इच्छा यहां से चुनाव लड़ने की थी। अब वक्त बदल गया है और दोनों नेता एक हो गए हैं। सारे गिले शिकवे मिट गए हैं जो पार्टी के लिए शुभ संकेत है।

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