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मालवा ताल में डायरिया की दस्तक के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 45 लोगों की जांच

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नैनीताल – ज्योलिकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारियों की रोकथाम और ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं। रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 29 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान 14 ब्लड टेस्ट किए गए और 45 लोगों की काउंसलिंग की गई। गंभीर लक्षण वाले एक मरीज को उपचार के लिए भर्ती कराया गया।

बच्चे की मौत के बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम

भीमताल ब्लॉक के मालवा ताल में 12 वर्षीय बच्चे की डायरिया से मौत की खबरों का मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चे के घर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि इससे पहले गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया था, लेकिन व्यस्तता के चलते वे बच्चे को जांच के लिए शिविर में नहीं ला सके।

इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने मालवा ताल पहुंचकर 45 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की। ग्रामीणों को स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी गई। टीम ने ओआरएस, जिंक और आवश्यक दवाओं का वितरण किया। साथ ही ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच भी की गई। विभाग की चिकित्सकीय टीम भी क्षेत्र में पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करेगी और आवश्यकता के अनुसार उपचार उपलब्ध कराएगी।

बारिश के बाद पेयजल को लेकर सतर्क रहने की अपील

लगातार बारिश के मद्देनजर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान बहकर आई गंदगी के पेयजल स्रोतों तक पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में लोग पानी उबालकर या सुरक्षित पेयजल का ही इस्तेमाल करें।

उन्होंने लोगों को ताजा, हल्का और सुपाच्य भोजन लेने तथा व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दस्त, उल्टी, बुखार, पेट दर्द, पीलिया अथवा अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने के बजाय तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें।

गर्भवती महिलाएं समय रहते वर्थ वेटिंग रूम पहुंचें

भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रसव के करीब पहुंच चुकी गर्भवती महिलाओं से भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिन महिलाओं का प्रसव आगामी दिनों में संभावित है, वे समय रहते संबंधित चिकित्सालय के वर्थ वेटिंग रूम में पहुंचें।

वर्थ वेटिंग रूम में गर्भवती महिलाओं के ठहरने, भोजन, स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य खराब मौसम अथवा आवागमन बाधित होने की स्थिति में गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध कराना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि बारिश के मौसम में सतर्क रहें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।

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