उत्तराखंड आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण में पारदर्शिता पर जोर, डीएम ने दिए निर्देश

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

नैनीताल – उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वर्ष 2021 तक प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए 198 आवेदनों एवं उनके साथ संलग्न साक्ष्यों और अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण किया गया।

बैठक में समिति ने प्रत्येक आवेदन के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों का बिंदुवार परीक्षण किया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी आवेदनों की जांच शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाए, ताकि वास्तविक राज्य आंदोलनकारियों का ही चिह्नीकरण सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी राज्य निर्माण के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सेनानी हैं और उनके सम्मान से जुड़ी इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन आवेदनों में अभिलेख अपूर्ण या त्रुटिपूर्ण हैं, उनके संबंध में आवेदकों को समय रहते सूचना देकर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जाए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक (यातायात) जगदीश चंद्र, अपर जिलाधिकारी विवेक राय, अपर जिलाधिकारी शौरभ असवाल, समिति के सदस्य डॉ. केदार पलड़िया, जगमोहन चिलवाल, डॉ. सुरेश डालाकोटी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

और पढ़ें

error: Content is protected !!